
सवाईमाधोपुर। रणथम्भौर बाघ परियोजना में बाघों के हमलों का सिलसिला लगातार जारी है। अब शुक्रवार को फिर से रणथम्भौर की खण्डार रेंज में बाघ के हमले में दो जनों के घायल होने का मामला सामने आया है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कैलाशपुरी के वन क्षेत्र में बाघ के हमले में घायल होने वालों में कृषि पर्यवेक्षक सीताराम सैनी तथा उसे बचाने वाला वन विभाग का एक होमगार्ड बाबूलाल मीणा शामिल है। दोनों को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।
जानकारी के अनुसार घटना कैलाशपुरी के पास एनिकट की बताई जा रही है। यहां अक्सर बाघ-बाघिन पानी पीने के लिए आते रहते हैं। शुक्रवार को यहां टाइगर का मूवमेंट था। वनविभाग की टीम भी एहतियातन यहां लगी हुई थी। इस दौरान पर्यवेक्षक सीताराम सैनी इधर होकर जा रहे थे। नजदीक जाने पर टाइगर ने सैनी का पैर पकड़ लिया। यहां लगे होमगार्ड बाबूलाल मीणा ने हमला करते देख तुरंत टाइगर पर डंडा मारकर सीताराम के पैर को छुड़वाया।
हालांकि इस घटनाक्रम में टाइगर ने होमगार्ड के सिर व कमर पर हल्का पंजा मार दिया, जिससे उसे खरोंच आई। फिलहाल टाइगर का मूवमेंट घटना स्थल के पास ही बना हुआ है। टाइगर उम्रदराज है, लेकिन उसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। जानकारी के अनुसार यहां बाघिन लाडली यानि टी-8 का मूवमेंट रहता है और यह बाघिन भी उम्रदराज है।
कैलाशपुरी एनिकट के टाइगर होने की सूचना थी। इस दौरान यहां से गुजर रहे एक व्यक्ति पर टाइगर ने हमला कर दिया, जिससे उसे पैर में चोट आई। उसे बचाने के चक्कर में होमगार्ड को भी हल्की खरोंचे आई हैं। मौके पर टीम को भेजा गया है।
रामानंद भाकर, डीएफओ, रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर