सवाई माधोपुर

Ranthambore: रणथम्भौर के गणेश मंदिर मार्ग पर फिर दिखा बाघ, श्रद्धालुओं में फैल गई दहशत

वन विभाग की ओर से अभी इसकी पुष्टि नहीं की गई है कि यह कौनसा बाघ था। रणथम्भौर में पिछले करीब ढाई महीने में बाघ के हमलों में तीन लोगों की मौत हो चुकी है।

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Tiger in Ranthambore
रणथंभौर में बा​घ। फाइल फोटो - पत्रिका

राजस्थान में सवाई माधोपुर जिले के रणथंभौर में बुधवार को त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर अचानक बाघ आने से श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई। जंगल से निकल कर त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर आया बाघ करीब 15 मिनट वहां टहलता रहा। इससे श्रद्धालु एवं पर्यटक बुरी तरह से सहम गए।

वाहनों की कतारें लगीं

इस दौरान यहां चौपाहिया वाहनों की लंबी कतार लग गई। चहलकदमी के बाद बाघ ने जंगल की ओर रुख किया, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। वन विभाग की ओर से अभी इसकी पुष्टि नहीं की गई है कि यह कौनसा बाघ था। रणथम्भौर में पिछले करीब ढाई महीने में बाघ के हमलों में तीन लोगों की मौत हो चुकी है।

मासूम को उतारा मौत के घाट

इसमें सात वर्षीय बालक कार्तिक सुमन को बाघ ने त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर ही हमला करके मार दिया था। जबकि रेंजर देवेंद्र सिंह और रणथम्भौर स्थित जैन मंदिर के चौकीदार राधेश्याम माली की भी बाघ के हमले में मौत हुई थी।

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खतरा अभी टला नहीं

इसके लिए जिम्मेदार बाघिन टी-84 के तीनों शावकों को रणथंभौर से बाहर भेज दिया। इससे श्रद्धालुओं के बीच राहत की सांस के साथ यह अनुमान लगाया जा रहा था कि अब त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर बाघों का खतरा टल गया है, लेकिन आज फिर से यहां बाघ की मौजूदगी ने श्रद्धालुओं की चिंता में इजाफा कर दिया है।