रणथम्भौर में पर्यटकों को लुभा रहीं इनकी अठखेलियां, मंगलवार को जोन छह में पर्यटकों को आए नजर
सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर बाघ परियोजना में इन दिनों भ्रमण पर जाने वाले पर्यटकों को बाघ-बाघिनों की जमकर साइटिंग हो रही है। इसी क्रम में मंगलवार को सुबह की पारी में पार्क भ्रमण पर गए पर्यटकोंं को रणथम्भौर के जोन छह पर शोलेश्वर महादेव मार्ग पर बाघिन नूर यानी टी-39 व बाघ टी-101 एक साथ विचरण करते नजर आए। पर्यटक बाघ-बाघिन की एक साथ अठखेलियां देखकर रोमांचित हो उठे और उन्होंने इस नजारे को कैमरे में कैद किया।
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लम्बे समय से टी-101 के साथ है नूर
वन अधिकारियों ने बताया कि बाघिन नूर पिछले करीब एक साल से अधिक समय से रणथम्भौर के जोन एक व छह में विचरण कर रही है। इसी इलाके में बाघ टी-101 का भी मूवमेंट बना हुआ है। ऐसे में करीब एक साल से ये दोनों एक साथ कई बार देखे जा चुके हैं।
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उम्रदराज बाघिन है नूर
बाघिन नूर वर्तमान में रणथम्भौर की उम्रदराज बाघिनों में से एक है। बाघिन की उम्र करीब 16 साल से अधिक हो चुकी है। बाघिन नूर ने कई बार शावकों को जन्म देकर रणथम्भौर के वन्यजीव प्रेमियों को खुशियां दी हैं। आखिरी बार नूर ने मार्च 2021 में दो शावकों को जन्म दिया था। लेकिन उम्रदराज होने के कारण बाघिन शावकों को स्तनपान नहीं करा सकी थी और बाद में शावक लापता हो गए थे। हालांकि वन्यजीव प्रेमियों की मानें तो उम्र के आखिरी पड़ाव पर होने के कारण बाघिन नूर के मां बनने की संभावना कम ही नजर आ रही है।
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कई बाघों के साथ रह चुका है विचरण
वन अधिकारियों ने बताया कि बाघिन नूर काफी उम्रदराज बाघिन है। ऐसे में बाघिन का अब तक कई बाघों के साथ विचरण रह चुका है। इनमें रणथम्भौर का खूंखार बाघ टी-24 यानी उस्ताद, टी-28 यानी स्टार मेल आदि प्रमुख है। बाघिन अब तक पांच से अधिक बार शावकों को जन्म भी दे चुकी है।