Water Crisis: सवाईमाधोपुर जिले में बांधों में पानी के सूखने से आगामी दिनों में स्थिति और विकट हो जाएगी। इसका सीधा असर हैंडपंप, कुओं, ट्यूबवेलों पर भी पड़ रहा है।
Water Crisis in Rajasthan: राजस्थान के सवाईमाधोपुर जिले में गर्मी के बढ़ने के साथ ही जलस्रोत भी सूखने लगे हैं। जल संसाधन विभाग के अधीन 18 बांधों में स्थिति यह है कि आधे से ज्यादा बांध में जलस्तर घट गया है। हालात यह है कि जिले के सबसे बड़े मानसरोवर बांध की भराव क्षमता 31 फीट है, जबकि वर्तमान में 23 फीट पर रह गया है।
इसी प्रकार 20 फीट भराव क्षमता वाले गिलाई सागर बांध में 10 फीट 4 इंच एवं 24 फीट भराव वाले देवपुरा बांध में केवल 11 फीट 6 इंच पानी शेष रह गया है। पंचायतों के अधीन बांध व तालाब भी सूखने लगे। जिले में पंचायत समिति के अधीन आने वाले बांध व तालाबों का जलस्तर भी लगातार घट रहा है। बांधों व तालाबों का पानी रीतने से आसपास के क्षेत्रों में भूमिगत जलस्तर गहरा रहा है। ऐसे में आमजन सहित मवेशियों के लिए भी पानी की समस्या खड़ी होने लगी है।
बांधों में पानी के सूखने से आगामी दिनों में स्थिति और विकट हो जाएगी। इसका सीधा असर हैंडपंप, कुओं, ट्यूबवेलों पर भी पड़ रहा है। हैंडपंप व ट्यूबवेलों पानी के साथ हवा भी फेंक रहे हैं। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी समस्या गहराती जाएगी।
बांध-भराव क्षमता-पानी
ढील- 16 फीट- 11 फीट 3 इंच
मानसरोवर- 31 फीट- 23 फीट
गिलाई सागर- 20 फीट- 10 फीट 4 इंच
सूरवाल- 15 फीट- 10 फीट
देवपुरा- 24 फीट- 11 फीट 6 इंच
भगवतगढ़- 8 फीट- 6 फीट
मुई- 6 फीट- 3 फीट 4 इंच
नागोलाव- 10 फीट- 6 फीट
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गर्मी बढ़ने से जिले के बांधों में पानी कम होने लगा है। बड़े बांधों में पानी आधा रह गया है।
अजय शर्मा, कनिष्ठ अभियंता, जल संसाधन विभाग, सवाई माधोपुर