सवाई माधोपुर

बेटियों का अटक रहा भुगतान

राजश्री योजना की जारी नहीं हो रही किश्त
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Updated: 16 Nov 2019, 1:25 AM IST
बेटियों का अटक रहा भुगतान
गंगापुरसिटी सामान्य चिकित्सालय।

गंगापुरसिटी. बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की ओर से राजश्री योजना संचालित है। योजना के तहत बेटी का जन्म होने पर प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है, लेकिन पिछले तीन माह से योजना के तहत भुगतान नहीं हो रहा है। चिकित्सालय सूत्रों के अनुसार बेटियों की बेहतर देखभाल और पोषण के लिए दी जाने वाली राशि की किश्त जारी नहीं होने से अगस्त माह से भुगतान अटका हुआ है। लाभार्थियों की ओर से आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के बाद स्थानीय स्तर पर भुगतान के लिए आवश्यक ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, लेकिन मुख्यालय से किश्त जारी नहीं हो रही है। ऐसे में लाभार्थी बैंक और सामान्य चिकित्सालय में चक्कर काटते नजर आ रहे हैं।

बकाया का गणित
चिकित्सालय सूत्रों के अनुसार सामान्य चिकित्सालय में पुत्री को जन्म देने वाली करीब 300 प्रसूताओं की अगस्त माह से प्रथम किश्त बकाया है। इसी प्रकार शहर के दो पंजीकृत निजी हॉस्पिटल की करीब 500 लाभार्थियों की प्रथम किश्त का भुगतान बकाया है। करीब इतने ही लाभार्थियों की दूसरी किश्त भी बकाया चल रही है। इसी प्रकार ग्रामीण चिकित्सा संस्थानों पर बेटी को जन्म देने वाली प्रसूताओं का भुगतान अटका हुआ है।

सीधे खाते में आती है राशि
बेटी का जन्म होने पर योजना के तहत विभागीय मुख्यालय से प्रोत्साहन राशि सीधे लाभार्थी के खाते में जमा की जाती है। लाभार्थियों को अलग-अलग छह किश्तों में कुल 50 हजार रुपए का भुगतान किया जाता है। इसके लिए प्रसूता का डिस्चार्ज टिकट, भामाशाह कार्ड, बैंक पासबुक आदि दस्तावेज जमा कराने पर किश्तों के रूप में राशि प्रदान की जाती है।

कब कितनी राशि
योजना के अनुसार सरकारी व पंजीकृत चिकित्सालय में बेटी जन्म होने पर प्रथम किश्त के रूप में 2500 रुपए दिए जाते हैं। जन्म के एक साल बाद दूसरी किश्त भी 2500 रुपए की मिलती है। इसके बाद सरकारी स्कूल में कक्षा एक में प्रवेश लेने पर 4000 रुपए, छठी कक्षा में पहुंचने पर 5000 रुपए, 10वीं में प्रवेश लेने पर 11000 रुपए तथा कक्षा 12 उत्र्तीण करने पर 25000 रुपए प्रदान किए जाते हैं।

काट रहे चक्कर
नादौती के सिकन्दरपुर निवासी हाकिम खान ने बताया कि पत्नी सबीना ने 29 अगस्त को पुत्री को जन्म दिया, लेकिन अभी प्रथम किश्त नहीं मिली है। इसके लिए कई बार सामान्य चिकित्सालय के चक्कर काट चुका हूं। वजीरपुर निवासी रहीश ने बताया कि पत्नी उजमा ने 9 अक्टूबर को पुत्री को जन्म दिया। किश्त की जानकारी लेने दूसरी बार सामान्य चिकित्सालय आया हूं। बैंक में भी खाता चेक किया, लेकिन किश्त नहीं आई है।

मुख्यालय से जारी होती है
स्थानीय स्तर पर भुगतान के लिए सभी आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। मुख्यालय स्तर से ही किश्त का भुगतान सीधे खाते में डाला जाता है।
डॉ. दिनेशचंद गुप्ता, पीएमओ, सामान्य चिकित्सालय, गंगापुरसिटी।

Updated on:
16 Nov 2019, 1:25 AM IST
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