सवाई माधोपुर

बागी पार्षदों का नेतृत्वकर्ता आखिर कौन है?

सवाईमाधोपुर . नगर परिषद के 45 में से 38 पार्षद सभापति विमला शर्मा के खिलाफ बगावत को उतर आए हैं। उन्होंने सभापति के खिलाफ अविश्वास का मोर्चा खोल दिया है।

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सवाईमाधोपुर . नगर परिषद के 45 में से 38 पार्षद सभापति विमला शर्मा के खिलाफ बगावत को उतर आए हैं। उन्होंने सभापति के खिलाफ अविश्वास का मोर्चा खोल दिया है। हालांकि अब तक यह रहस्य के गर्भ में है कि आखिर अविश्वास होगा या नहीं। शहर में सभी की जुबां पर ये एक ही चर्चा है। साथ ही ये भी चर्चा है कि आखिर इन बागी पार्षदों का नेतृत्वकर्ता कौन है। कौन है जो इनके पीछे खड़ा है।

वहीं सभापति के खिलाफ उनका सहयोग कर रहा है। हालांकि कयास कई तरह के लगाए जा रहे हैं। लेकिन बागी पार्षदों से बातचीत की तो बताया गया कि उनके पीछे कोई भी नेतृत्वकर्ता नहीं है। सभी पार्षद इस मुहिम के नेतृत्वकर्ता हैं। उनका आरोप है कि वे अपनी मांग भाजपा नेताओं से लेकर सीएम तक गुहार कर चुके हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। ऐसे में अब उनके पास विरोध के लिए मैदान में उतरने के सिवा और कोई चारा नहीं है। शहर के विकास के लिए वे ऐसा कर रहे हैं।


पार्टी नेता मौन
ेइस मामले में अब तक भाजपा पार्टी नेताओं की ओर से कोई बयान नहीं आया है। ना ही पार्टी नेताओं की इस मामले को लेकर कोई पहल नहीं की जा रही है। सभापति अपने स्तर पर इस मामले को शांत करने में जुटी हैं। हालांकि वे भी खुले तौर पर ज्यादा कुछ नहीं बोल रही हैं। उनका ये ही कहना है कि शहर के विकास में उन्होंने कोई कमी नहीं छोड़ी है। पार्षदों को लगता है कि अगर कोई उनसे अच्छा काम कर सकता है तो उनकी मर्जी।


कहां चले गए
लोगों में चर्चा है कि आखिर पार्षद कहां गए हैं। अविश्वास का ज्ञापन सौंपने के बाद से भूमिगत हो गए हैं। हालांकि निर्दलीय राजेश गोयल सहित कुछ पार्षद यहीं पर हैं। सूत्रों के अनुसार सभी पार्षद प्रदेश के भ्रमण पर ही हैं। वे देवीय एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने लगाया पार्षदों की खरीद-फरोख्त का आरोप

सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का मामला
सवाईमाधोपुर. नगर परिषद नेता प्रतिपक्ष गिर्राज गुर्जर ने प्रशासन द्वारा अविश्वास प्रस्ताव की तिथि निश्चित नहीं करने पर नाराजगी जताते हुए पार्षदों की खरीद फरोख्त का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से अब तक तिथि निर्धारित नहीं की गई है। आरोप लगाया कि वहीं सभापति की ओर से अपनी कुर्सी बचाने के लिए पार्षदों को खरीदने के प्रयास किए जा रहे हैं।

ऐसे में महिला पार्षदों को अधिक परेशानी हो रही है। उन्होंने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर जल्द ही तिथि निर्धारित करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर परिषद में अव्यवस्थओं का आलम है। शहर की जनता समस्याओं से त्रस्त है। उनके पट्टे संबंधी कार्य अटके हैं। बिजली, पानी, सफाई व्यवस्था चौपट है। ऐसे में पार्षद जनता के लिए आंदोलन कर रहे हैं।

Published on:
23 Jun 2018 06:52 pm
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