
नई दिल्ली। कोरोना काल (Coronavirus Pandemic) में इन दिनों आसमान में कई खगोलीय घटनाएं घट रही हैं। ब्रहमांड में हो रही इसी हलचल के बीच कल एक सबसे खतरनाक क्षुद्रग्रह (Asteroid) धरती के पास से होकर गुजरा। ये इतना भयावह था कि इसकी पृथ्वी से टक्कर (Clashes With Earth) होने पर भारी तबाही हो सकती थी। आईबीटी की रिपोर्ट के अनुसार क्षुद्रग्रह के आकाश में फटने के चलते मुसीबत टल गई। हालांकि कल दिल्ली-एनसीआर में आए भूकंप (Earthquake) के झटके को कुछ वैज्ञानिक Asteroid के पृथ्वी के पास से गुजरने के प्रभाव से जोड़कर देख रहे हैं।
अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के सेंटर Near-Earth Object Studies (CNEOS) के अनुसार इस तरह के एस्टेरॉयड की संख्या 3 थी।इनमें से एक 108 फीट चौड़ा 2020 KK7 asteroid भारतीय समयानुसार दोपहर 2.13 पर गुजरा। जबकि दूसरा 11 फीट चौड़ा 2020 KD4 12,000 मील प्रति घंटे की गति से आ रहा था। यह भारतीय समयानुसार शाम 6.17 pm पर गुजरा। इसके बाद सबसे बड़ा और खतरनाक एस्टेरॉयड है। इसका नाम 2020 KF है जो आकार में 144 फीट चौड़ा है। यह आज पृथ्वी के पास से 24,000 से 38,600 kmph की गति से गुजरा। इसका समय भारतीय समयानुसार रात 9.30 था। तभी दिल्ली-एनसीआर में रात 10:42 बजे भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.2 मापी गई। एक्सपर्ट्स के अनुसार जब भी कोई विशालकाय क्षुद्रग्रह पृथ्वी के आस-पास से गुजरता है तो भूकंप या तूफान जैसे खतरों की आशंका रहती है।
वैज्ञानिकों के अनुसार अगर ये क्षुद्रग्रह थोड़ा सा भी पृथ्वी की कक्षा में दाखिल होते और इनकी टक्कर होती तो इसके परिणाम घातक हो सकते थे। चूंकि क्षुद्रग्रह वायुमंडल में सबसे अधिक जल गया होगा या आकाश में फट गया होगा इसलिए किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ।
29 अप्रैल को भी महाप्रलय की थी आशंका
पृथ्वी से एक विशालकाय क्षुद्रग्रह की टक्कर को लेकर 29 अप्रैल का दिन भी पूरी दुनिया में चर्चा का विषय था। गणना के अनुसार यह क्षुद्रग्रह 19 हजार किमी प्रति घंटे की तेज रफ्तार से पृथ्वी के करीब होकर गुज़रा था। इसका नाम 1998 OR2 था। करीब एक महीने से लोगों की निगाहें इस पर थीं। वैसे तो यह 40 लाख मील के फासले से निकल गया लेकिन इसकी ट्रांजेटरी के चलते वैज्ञानिकों को यह आशंका थी कि यह संभावित रूप से घातक हो सकता है।