विज्ञान और टेक्नोलॉजी

कैंसर के इलाज में कितनी कारगर है कीमोथैरेपी ?

कीमोथैरेपी काफी कष्टदायी होती है लेकिन फिलहाल यही एक ऐसा उपाय है जिसके चलते कैंसर शरीर के दूसरे हिस्सों में फैल नहीं पाता। कीमोथेरेपी अकेले भी दी जा सकती है या सर्जरी और रेडियोथेरेपी के साथ भी।

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Sep 19, 2018
chemo tharipy for cancer treatment
कैंसर के इलाज में कितनी कारगर है कीमोथैरेपी ?

नई दिल्ली: आजकल कैंसर का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। बॉलीवुड अभिनेता इरफान खान के बाद सोनाली बेंद्रे भी इसकी चपेट में आ चुकी हैं। कैंसर को रोकने के लिए डाक्टर कीमोथैरेपी करते हैं। कीमोथैरेपी कैंसर के सेल्स को रोककर उन्हें खत्म करती है और जीने की संभावनाओं को बढ़ाती है। कहते हैं कि कीमोथैरेपी काफी कष्टदायी होती है लेकिन फिलहाल यही एक ऐसा उपाय है जिसके चलते कैंसर शरीर के दूसरे हिस्सों में फैल नहीं पाता। कीमोथेरेपी अकेले भी दी जा सकती है या सर्जरी और रेडियोथेरेपी के साथ भी।

कीमोथेरेपी का उपचार नसों के द्वारा प्रदान किया जाता है, जिसके अंतर्गत दवाइयां सीधे नसों में चली जाती हैं और मरीज के शरीर में फैल रहे कैंसर सेल्स खत्म होने लगते हैं। हालांकि इन दवाइयों को पिल्स (pills), कैप्सूल्स (capsules) तथा तरल पदार्थों के रूप में भी मरीज़ को दिया जा सकता है। इस दवाई को शरीर के अन्दर पहुंचाने का एक और तरीका है हाथ, पैर या पेट की मांसपेशियों या चर्बीयुक्त भाग में सुई की मदद से ये दवाई शरीर के अन्दर प्रवेश करवाना। धमनियों के द्वारा दवाई दी जाने से ये दवाई सीधे उन नसों में चली जाती है, जो शरीर में रक्त का संचार करती हैं।

जब दवाई सीधे पेट में, या शरीर के उन हिस्सों में जाती हैं, जहां आंतें, लिवर (liver) तथा पेट के हिस्से, और महिलाओं के मामले में अंडाशय (ovary) होती है, तो इसे इंट्रापेरीटोनियल विधि कहा जाता है। इस दवाई का प्रयोग शरीर के ऊपरी भाग में भी किया जा सकता है और मलहम की तरह त्वचा में रगड़ा जा सकता है।

आपको बता दें कि कैंसर उन भयंकर बीमारियों में से एक है जिनके होने के बाद शरीर में कोशिकाओं की वृद्धि अचानक काफी मात्रा में बढ़ जाती है। कैंसर से ग्रस्त कोशिका के माध्यम से ही कैंसर का प्रकार पता चल पाता है क्योंकि कैंसर करीब 100 प्रकार का होता है। जब किसी मरीज़ को कीमोथेरेपी का इलाज देना होता है तो जो दवा उपलब्ध कराई जाती है वो है साइटोटॉक्सिक मेडिकेशन, जो शरीर में कैंसर की कोशिकाओं को पनपने एवं बढ़ने से रोकती है।

कीमोथेरेपी का उपचार किसी भी मरीज़ की कैंसर की अलग अलग अवस्था पर डिपेंड करता है। इसका उपचार 1 दिन का भी हो सकता है और कई हफ्ते भी चल सकता है। एक निर्धारित थेरेपी प्लान डॉक्टरों द्वारा मुहैया कराया जाता है जिसमें कीमोथेरेपी का कुल समय और निर्धारित सेशंस दिए रहते हैं। इस थेरेपी में 1 दिन का उपचार और उसके बाद या तीन हफ्ते का आराम दिया जाता है जिससे कि स्वस्थ कोशिकाओं को बढ़ने का समय मिले तथा यह प्रक्रिया बार बार की जाती है।

Published on:
19 Sept 2018 02:34 pm