
नई दिल्ली।पर्यावरण (enviorment ) से छेड़छाड़ के कारण ग्लोबल वार्मिंग (global warming ) बढ़ रही है। वातावरण में लगातार बदलाव हो रहें हैं। आज भले ही हमें इस बात का अहसास न हो, लेकिन यह भविष्य में होने वाले सबसे बड़े खतरे का संकेत हो सकता है। वातावरण से छेड़छाड़ में मानव ने माउंट एवरेस्ट (mount everest ) जैसी चोटी को भी नहीं छोड़ा है।
एक रिपोर्ट के अनसार- दुनिया ( world ) के सबसे ऊंचे इस पर्वत पर भी कूड़े का अंबार लगना शुरू हो गया है। लोग कीर्तिमान स्थापित करने के लिए माउंट एवरेस्ट पर जाते हैं और जाते समय जो कचरा अपने साथ लेकर जाते हैं, उसे वहीं छोड़ आते हैं।
बता दें कि इसी गंदगी को साफ करने के लिए नेपाल ने बीते महीने "एवरेस्ट क्लीनिंग कैंपेन" की शुरुआत की थी। इस कैंपेन को पैंतालीस दिन तक चलाया जाएगा। जिसमें अब तक करीब तीन हजार किलोग्रम सॉलिड वेस्ट को एकत्रित किया जा चुका है।
कैंपेन के जरिए दस हजार किलो कचरे का ढ़ेर इकट्ठा करने का लक्ष्य रखा गया है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कैंपेन की शुरुआत Khumbu Pasanglhamu Rural Municipality ( खुम्बु पसंगल्हमु ग्रमीण नगर निगम ) की तरफ से की गई थी।
इस कैंप में नेपाल सरकार के टूरिज्म मंत्रालय के साथ सेना भी शामिल होकर कचरें को हटाने में लगी। सेना की मदद से कचरे को हेलीकॉपटर के माध्यम से बेस कैंप तक लाया जा रहा है।
बेस कैंप में सेना के लिए खाने, पानी और अन्य चीजों की व्यवस्था की गई है। कैंपेन ( Champion ) का आयोजन करने का उद्देश्य कई चरणों में अलग-अलग जगहों से कचरे को इकट्ठा करना है। इस मिशन के तहत पूर्व में कई लोगों की माउंट एवरेस्ट पर मौत गई थी। ऐसे में अगर सफाई अभियान के दौरान किसी की बॉडी मिलती है, तो वे उसे भी नीचे लेकर आ रहे हैं।