विज्ञान और टेक्नोलॉजी

अध्ययन में दावा : मेडिटेशन करने वालों में होती हैं डर और विकृत भावनाएं

मन को शांत करने के लिए लेते हैं मेडिटेशन का सहारा अधिकतर लोगों को पसंद नहीं है मेडिटेशन
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Updated: 13 May 2019, 4:20 PM IST
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अध्ययन में दावा : मेडिटेशन करने वालों में होती हैं डर और विकृत भावनाएं

नई दिल्ली। हर कोई भाग-दौड़ भरी लाइफ में मानसिक सुख की चाह रखता है। इसके लिए वो पैसे भी खर्च करने को तैयार रहता हैं। मानसिक सुख के लिए आजकल मेडिटेशन का ट्रेंड ज्यादा है। आपको बता दें, ज्यादातर लोग मेडिटेंशन क्लासें जॉइन कर तो लेते हैं, लेकिन वो मेडिटेशन करना पसंद नहीं करते हैं। वो आलस के कारण वे आरामदायक जिंदगी को चुनना ज्यादा पसंद करते हैं। यह खुलासा एक ताजा अध्ययन में हुआ है।

इसमें दावा किया गया है कि जो लोग नियमित रूप से मेडिटेशन करते हैं, उनमें से एक चौथाई लोग मेडिटेशन अभ्यास करने से जी चुराते हैं। शरीर स्वस्थ रहे, इस मजबूरी में वे मेडिटेशन करते हैं। इसके बावजूद उसका 'ध्यान ' नहीं लगता है।

ब्रिटेन यूनिवर्सिटी (university ) एंड कॉलेज लंदन (यूसीएल ) की देखरेख में मेडिटेशन के अभ्यास पर शोध किया गया। इसमें पाया गया कि मेडिटेशन करने वाले लोगों में डर और विकृत भावनाएं होती हैं। इसी तरह का शोध आस्ट्रेलिया (austrlia ) में भी किया गया। जिसमें पाया कि जो लोग एकांत में मेडिटेशन करते हैं, चिंतनशील प्रकार का ध्यान करते हैं या जिन लोगों में नकारात्मक सोच का स्तर बढ़ा रहता है, वे इसके अनुभव को पसंद नहीं करते हैं। इसमें जैसे विपश्यना और कोअन अभ्यास भी शामिल है।

हालांकि इस अध्ययन में जिन महिलाओं ने हिस्सा लिया था, उनमें से धार्मिक (spiritual ) विश्वास रखने वाली महिलाओं में नकारात्मक अनुभव कम था। इसमें से 1232 प्रतिभागियों ने अंतराष्ट्रीय ऑनलाइन सर्वेक्षण में हिस्सा लिया, जिन्होंने दो महीने तक मेडिटेशन (ध्यान) किया था।

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13 May 2019, 4:20 PM IST
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