इस दौरान वैज्ञानिकों ने के2-18 नामक छोटे तारे का चक्कर लगाने वाले एक और ग्रह की भी खोज की।
नई दिल्ली। हम में से सभी के मन में एक बार तो ज़रूर यह ख्याल आता ही है कि क्या हमारी पृथ्वी जैसा कोई और ग्रह है की नहीं और यह भी की क्या कोई दूसरी दुनिया है की नहीं इसी कारण एलियन के अस्तित्व के होने पर वैज्ञानिकों के बीच आए दिन शोध होते रहते हैं। पृथ्वी से 111 प्रकाश वर्ष दूर स्थित 'के2-18बी' ग्रह पर एलियन के जीवित होने की संभावना है। यह ग्रह पृथ्वी की तरह ही है लेकिन आकार में उससे कई गुना बड़ा है। इस कारण इसे सुपर अर्थ भी कहा जाता है। यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास, के वैज्ञानिकों का कहना है कि पथरीली सतह वाले इस ग्रह पर जीवन होने की संभावना अधिक है। इस ग्रह का वायु मंडल ऐसा है कि इस जगह जीवन होने की संभावना है।
वैज्ञानिकों द्वारा शोध के दौरान यूरोपीय दक्षिणी वेधशाला से जुटाई गई जानकारी का अध्ययन किया गया। इस दौरान वैज्ञानिकों ने के2-18 नामक छोटे तारे का चक्कर लगाने वाले एक और ग्रह की भी खोज की। मुख्य शोधकर्ता रेयान क्लोटियर ने कहा, 'के2-18बी के भार और घनत्व का पता लगाने में सफल होने के साथ अन्य ग्रह को ढूंढ़ निकालना रोमांचकारी था। पूरा ब्रह्माण्ड वैसे भी रहस्यों से भरा पड़ा है।
वर्ष 2015 में के2-18 बी की खोज के समय पाया गया था कि यह ग्रह अपने तारे से ठीक उतनी दूरी पर है, जितना जीवन के पनपने के योग्य वातावरण के लिए जरूरी है। इस ग्रह में पर पानी भी होने की संभावना है जो जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। शोधकर्ताओं के मुताबिक के2-18 बी अब वायुमंडलीय अध्ययन के लिहाज से अहम हो जाएगा। इस ग्रह में छिपे और रहस्यों की खोज में वैज्ञानिकों आगे की खोज कर रहे हैं जिससे यह साबित किया जा सके कि असल में सुपर अर्थ पर एलियन मौजूद हैं भी या नहीं।