विज्ञान और टेक्नोलॉजी

धरती की तरफ मुंह मोड़ रहा है Sun spot, जानें क्या होगा इसका असर?

इस घटना के प्रभाव के बारे में नेशनल ओसियानिक एंड एटमॉस्फियरिक एडमिनिस्ट्रेसन (National Oceanic and Atmospheric Administration) का कहना है कि यह Solar storm अंतरिक्ष में विद्युत धारा में बदलाव या उतार चढ़ाव पैदा कर सकते हैं। इसके चलते रेडियो संचार, ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS), पॉवर ग्रिड और सैटेलाइट को नुकसान पहुंच सकता है।  
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Updated: 9 Aug 2020, 7:10 PM IST
Massive sunspot heading towards Earth, may cause major solar flar
Massive sunspot heading towards Earth, may cause major solar flar

नई दिल्ली। पिछले महीने हवाई द्वीप के डेनियल (Daniels of Wai Island) के इनोये सोलर टेलिस्कोप (Innoy Solar Telescope) ने सूर्य की असली सतह की कुछ तस्वीरें जारी की थी। इन तस्वीरों में सूर्य की सतह सोने की तरह चमकीली और मधुमक्खी के छत्ते की तरह दिखाई दे रहा था।

इस तस्वीर के जारी होने के बाद वैज्ञानिकों को सूर्य की सतह पर एक सनस्पॉट (Sun spot) दिखाई दिया है। यह विशाल सनस्पॉट (Sun spot) हमारी पृथ्वी की ओर घूमता दिख रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इसकी वजह से तीव्र सौर ज्वालाएं (Solar Flares) पैदा हो सकती हैं। जो पृथ्वी के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।


धीरे-धीरे बड़ा हो रहा है सनस्पॉट

SpaceWeather की एक रिपोर्ट के मुताबिक हमारे सूर्य की सतह (Surface of the Sun) शांत है। लेकिन हाल ही में सूर्य की सतह पर AR2770 सनस्पॉट का पता लगाया है। जो धीरे-धीरे बड़ा हो रहा है।

अंतरिक्ष के मौसम का पूर्वानुमान बताने वाली वेबसाइट SpaceWeather के मुताबिक इस सनस्पॉट से पहले बहुत सारी छोटी ज्वालाएं निकल चुकी हैं लेकिन अब इस सनस्पॉट का मुंह पृथ्वी की ओर मुड़ रहा है। ऐसे में हमारे वायुमंडल में आयनीकरण (Ionization in the atmosphere) की लहर पैदा हो रही है, हालांकि अभी तक कुछ बड़ा नहीं घटा है लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

क्या धरती के लिए हैं ये बड़ा खतरा?

इस घटना के प्रभाव के बारे में नेशनल ओसियानिक एंड एटमॉस्फियरिक एडमिनिस्ट्रेसन (National Oceanic and Atmospheric Administration) का कहना है कि यह Solar storm अंतरिक्ष में विद्युत धारा में बदलाव या उतार चढ़ाव पैदा कर सकते हैं। इसके चलते रेडियो संचार, ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS), पॉवर ग्रिड और सैटेलाइट को नुकसान पहुंच सकता है।

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