विज्ञान और टेक्नोलॉजी

उल्कापिंड के 11 टुकड़े आज भी हैं धरती पर मौजूद, सूरज से भी ज्यादा है इनकी उम्र

Meteorite particles : दुनियाभर के साइंस म्यूजियम में मौजूद हैं उल्कापिंड के खास कण वैज्ञानिकों को इन कणों पर अध्ययन करने में लगभग 20 साल लगे
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Updated: 16 Jan 2020, 1:07 PM IST
Meteorite particles
Meteorite particles

नई दिल्ली। अंतरिक्ष (space) में अक्सर धूमकेतु या उल्कापिंड (Meteorite particles) आपस में टकराते रहते हैं। जिसके कण धरती पर बिखर जाते हैं। धरती पर उल्कापिंड के ऐसे ही 11 कण मिले हैं जिनकी उम्र हमारे सौर मंडल से भी ज्यादा है। ये टुकड़े अब दुनियाभर के साइंस म्यूजियम में रखे हुए हैं।

शिकागो स्थित फील्ड म्यूजियम के एसोसिएट क्यूरेटर फिलिप हेक का कहना है कि इस कण की उम्र का अध्ययन करने में करीब 20 साल लग गए। इस उल्कापिंड से ऐसे कण मिले हैं जो 2 से 30 माइक्रोमीटर आकार के हैं। ये कण इतने छोटे हैं कि इन्हें देखने के लिए माइक्रोस्कोप की जरूरत पड़ेगी। हमारी धरती और सूरज दोनों करीब 454 करोड़ साल पुराने हैं। वैज्ञानिक तौर पर ज्ञात ये उम्र तब की है जब से सूरज और धरती के साथ-साथ हमारा पूरा सौर मंडल बना था, लेकिन अब अपनी धरती पर ही एक ऐसा कण मिला है जिसकी उम्र सूरज और हमारी धरती से करीब 250 करोड़ साल ज्यादा है।

वैज्ञानिकों के अुनसार ये कण ऑस्ट्रेलिया के गड्ढे में मिला था। यह गड्ढा एक उल्कापिंड के गिरने से बना था। बताया जाता है कि ये कण ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया स्थित मर्चिसन कस्बे में देखने को मिला था। उल्कापिंड में कुछ बेहद छोटे कण चिपके थे। इनकी उम्र करीब 700 करोड़ साल है।

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