
अमरीकी स्पेस एजेंसी नासा ने 2024 के चंद्र मिशन की तैयारियां तेज कर दी हैं। तीन चरणों में पूरा होने वाले मिशन के तहत 2024 में दो यात्रियों को चांद पर उतारेगा। हालांकि अभी चांद की सतह पर उस स्थान को तय नहीं किया गया है, जहां यात्रियों को उतारा जाएगा। नासा आर्टिमिस मिशन पर एक पुरुष और एक महिला अंतरिक्ष यात्री को चांद पर भेजेगा। नासा ने अभी चंद्रमा के दक्षिण ध्र्रुव के पास एक स्थान चिह्नित किया है, हालांकि अभी इस पर अंतिम निर्णय होना बाकी है। फिलहाल वैज्ञानिकों की नजर इम्पैक्ट क्रेटर पर है, जहां बर्फ भी मिल सकती है और सूर्य की पर्याप्त रोशनी भी।
सूर्य का प्रकाश भी जरूरी
लैंडिंग साइट की सबसे अहम जरूरत सूर्य की पर्याप्त रोशनी है। जहां लंबे समय तक प्रकाश रहना मिशन के लिए बेहद जरूरी है। दूसरा तापमान..यानी प्रतिकूल तापमान या ज्यादा बदलाव होने से उपकरणों के जल्द खराब होने की आशंका रहती है। कई बार मानव रहित मिशन में ऐसी गड़बड़ी देखी गई है।
समतल भूमि की तलाश
वैज्ञानिक लैंडिंग के लिए समतल भूमि को बेहतर मानते हैं। इससे एक तो लैंडर के गिरने का खतरा नहीं है, दूसरा लैंडिंग के दौरान उडऩे वाली गैस आदि से सतह का प्राकृतिक स्वरूप बदल सकता है, जिससे प्रयोग और नमूने जुटाने में मुश्किल आ सकती है।