
नई दिल्ली : अब तक आपने इंसानों के लिए तो शौचालय बनते हुए देखे होगें, लेकिन क्या आपने कभी गायों के लिए शौचालय बनने के बारे में सुना है ? शायद नहीं सुना होगा, लेकिन ऐसा पहली बार होने जा रहा है वो भी नीदरलैंड में। जहां गायों के लिए शौचालय का निर्माण किया जा रहा है । अब आपको बताते हैं कि आखिर ऐसा क्यों किया जा रहा है। दरअसल, गायों के मूत्र में पाये जाने वाले अमोनिया से यहां प्रदूषण फैल रहा है, जिसको रोकने के लिए वैज्ञानिकों ने ये कदम उठाया ।
वैज्ञानिक हेंक हेन्सकैंप ने अपने रिसर्च में पाया था कि गोमूत्र से निकलने वाला अमोनिया पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है। साथ ही इससे वायु प्रदूषण भी बढ़ रहा है। इस समस्या का हल करने के लिए नीदरलैंड के निवासी हेक ने गायों के लिए नई यूरिनल डिवाइस इजात किया है। साथ ही इस डिवाइस को अपने दूध के फार्म हाउस में लगाया है। आपकों बता दें कि इस डिवाइस की मदद से लगभघ 15 से 20 लीटर गोमूत्र रोजाना इक्कठा किया जाता है।
हेंक द्वारा बनाई गए इस डिवाइस के जरिए, गायों के खुले में टॉयलेट से निकलने वाला अमोनिया काफी ज्यादा मात्रा में वातावरण में फैल रहा था। जब इस डिवाइस को गायों के लिए इस्तेमाल किया गया तो ये काफी कारगर था।वहीं इस बारे में जब हेंक से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि, 'यदि लोग सिखाएं तो गाय भी शौचालय का इस्तेमाल करना सीख जाएगी। गायों को टॉयलेट की आदत लगाना ठीक उसी तरह है जिस तरह से दूध निकालने वाली मशीन।'
नीदरलैंड में बनाएं गए इन शौचालयों का परीक्षण डोटिनचेम के फार्म हाउस में किया जा रहा है। परीक्षण के दौरान 15 में से 7 गाय 'टॉयलेट पॉट का उपयोग करना सीख गई हैं। हेंक ने बताया कि इन पॉट्स को गायों के पीछे लगा दिया जाता है। जिससे की गायों को धीरे- धीरे इसकी आदत हो जाती है और गाय मूत्र को पॉट में ही करती है। हेंक का लक्ष्य है कि यह शौचालय बॉक्स साल 2020 तक बाजार में आ जाएं।