
नई दिल्ली: हवाई के Mauna Kea में दुनिया का सबसे बड़ा ग्राउंड बेस्ड टेलीस्कोप Thirty Metre Telescope (TMT) बन रहा है। भारत, अमेरिका, चीन, जापान और कनाडा के संयुक्त प्रयासों से बन रहे इस टेलीस्कोप का सबसे जटिल भाग यानि ऑपरेटिंग सॉफ्टवेयर का निर्माण आरत कर रहा है।
आपको मालूम हो Segment Support Assembly (SSA) नाम के इस ऑप्टिकल स्ट्रक्चर में 492 हेक्सागोनल शीशे होंगे जिन्हें मिलाकर इस टेलीस्कोप के प्राइमरी मिरर का निर्माण होगा।
पूणे स्थित ThoughtWorks नाम की IT फर्म इसके लिए Common Software Services (CSS), Data Management Services(DMS) और Executive Software (ES) जैसे 3 सॉफ्टवेयर डेवलप कर रही है ताकि 2020 में जब ये टेलीस्कोप शुरू किया जाए तो इसके वृहद डेटा को रिसीव करने के बाद मैनेज जा सके।
ThoughtWorks में काम करने वाले संतोष महाले का कहना है कि सबसे बड़ा चैलेंज इस टेलीस्कोप के लिए ऐसे सॉफ्टवेयर का निर्माण करना है जो फ्यूचर में इस टेलीस्कोप के ऑपरेशनल होने पर भी प्रासंगिक रहे। ThoughtWorks के इस प्रोजेक्ट से जुड़ने के कारण आईटी इंडस्ट्री में उत्साह है । एक अन्य आईटी फर्म में काम करने वाले गुंजन शुक्ला का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से जुड़कर इंडियन आईटी इंडस्ट्री ने प्रूव कर दिया कि वो इस तरह के विश्वस्तरीय प्रोजेक्ट्स पर काम करने के लिए तैयार हैं।