वेतन वृद्धी की मांग को लेकर बीते दो दिनों से भूख हड़ताल पर बैठीं जिले की आशा ऊषा कार्यकर्ता आज कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगी।
सीहोर/ वेतन वृद्धी की मांग को लेकर बीते दो दिनों से भूख हड़ताल पर बैठीं जिले की आशा ऊषा कार्यकर्ता आज कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगी। इस दौरान धरना स्थल से कलेक्ट्रेट तक सैंकड़ों आशा ऊषा आक्रोश रैली भी निकालेंगी। हड़ताल के दूसरे दिन भी सभी कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर अड़िग हैं।
तब तक भूख हड़ताल रहेगी जारी
कार्यक्ताओं ने प्रदेश सरकार से सवाल किया कि, हमें बताईये कि, आखिर 2 हजार रुपए में किस तरह गुजारा चल सकता है। आशा ऊषाओं का कहना है कि, अगर इस बार सरकार की और से हमारी मांगों को नहीं मांगा गया तो हम आमरण हड़ताल पर चले जाएंगे। आशा ऊषाओं की भूख हड़ताल दूसरे दिन मंगलवार को भी अपनी बात के दौरान कहा था कि, जब तक सरकार वेतन वृद्धि को लेकर संतुष्टात्मक जवाब नहीं देगी भूख हड़ताल इसी तरह जारी रहेगी।
जरा सोचिये सरकार : आशा
आशा यूनियन के नेताओं ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए कहा कि, इस भीषण महंगाई के दौर में 2 हजार रुपए में आशाओं का परिवार कैसे चलता होगा, इसपर जरा गौर कीजिए। जबकी अन्य राज्यों की तरह मध्य प्रदेश सरकार भी ऊषा आशाओं को नियमित कर सकती है, वेतन भी सम्मान जनक दे सकती है। चुनाव के दौरान कांग्रेस द्वारा जारी वचन पत्र में नियमित करने मानदेय में वृद्धि करने का वचन दिया था, लेकिन एक साल बीतने के बावजूद सरकार का अपने वचन पर कोई ध्यान नहीं है। आशा यूनियन के नेताओं ने कहा कि, आशाएं पूरे महीने अन्य कमचारियों की तरह काम कर रही हैं। भूख हड़ताल में ममता राठौर, रीना मालवीय, लक्ष्मी मालवीय, सुनिता विश्वकर्मा, शीला मेवाड़ा, सरीता कु शवाहा, रजनी राठौर, रानी राठौर, रानी कलोसिया, सविता रजक, गायत्री अहिरवार, संतोषी बैरागी, सीमा सोलकी आदि आशा ऊषा शामिल हैं।