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NEET पेपर लीक केस में खुला सीहोर कनेक्शन, इस यूनिवर्सिटी से पासआउट है मास्टरमाइंड डॉक्टर

NEET-UG 2026 Paper Leak Case : नीट पेपर लीक मामले के तार सीहोर से जुड़े हैं। राजस्थान पुलिस ने नासिक से जिस आरोपी डॉक्टर शुभम खैरनार को गिरफ्तार किया है, उसने 2021 में सीहोर की श्री सत्य साईं यूनिवर्सिटी से बीएएमएस की डिग्री ली है।

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NEET-UG 2026 Paper Leak Case

NEET पेपर लीक केस में खुला सीहोर कनेक्शन (Photo Source- Patrika)

NEET-UG 2026 Paper Leak Case : देश के सबसे बड़े मेडिकल एडमिशन एग्जाम नीट के पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद से चल रही जांच में लगातार नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब इस हाई प्रोफाइल केस का मध्य प्रदेश कनेक्शन भी सामने आया है। राजस्थान पुलिस द्वारा महाराष्ट्र के नासिक से गिरफ्तार किया गया मुख्य आरोपी डॉक्टर शुभम खैरनार किसी समय में सीहोर की श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी से बीएएमएस की पढ़ाई कर चुका है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां पेपर लीक नेटवर्क के तार एमपी तक जुड़े होने की आशंका जता रहे हैं। फिलहाल, मामले की जांच जारी हैं।

बताया जा रहा है कि, राजस्थान पुलिस ने बीती 3 मई 2026 को मामले में मास्टरमाइंड कहे जा रहे आरोपी शुभम खैरनार को नासिक से गिरफ्तार किया था। तब से उससे लगातार पूछताछ जारी है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि, शुभम सीहोर की श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर चुका है। इसके बाद पुलिस की जांच एजेंसियां यूनिवर्सिटी से भी आरोपी के शैक्षणिक रिकॉर्ड और गतिविधियों के संबंध में जानकारी ले चुकी हैं।

जांच में जुटी एजेंसियां

मिली जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसियां ये पता करने में जुटी हैं कि, कहीं शुभम एमपी में किसी नेटवर्क से तो नहीं जुड़ा था। कहीं आरोपी ने मेडिकल शिक्षा संस्थानों के जरिये ही तो कोई नेटवर्क तैयार नहीं किया था। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि, पेपर लीक से जुड़े अन्य आरोपियों के साथ उसका कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध था या नहीं।

शुभम ने 2021 में किया बीएएमएस

हालांकि, इस मामले में श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने आरोपी शुभम खैरनार से खुद को अलग कर लिया है। यूनिवर्सिटी के कुलपति मुकेश तिवारी ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि, शुभम ने साल 2021 में बीएएमएस पाठ्यक्रम में प्रवेश जरूर लिया था, पर प्रवेश के बाद वो कभी नियमित रूप से यूनिवर्सिटी नहीं आया। कुलपति के अनुसार, उसने न तो किसी परीक्षा में हिस्सा लिया और न ही किसी शैक्षणिक या अन्य गतिविधि में भागीदारी की।

यूनिवर्सिटी का बड़ा दावा

यूनिवर्सिटी प्रबंधन का कहना है कि, आरोपी का संस्थान से सिर्फ नाममात्र का संबंध रहा और उसका कैंपस गतिविधियों से कोई जुड़ाव नहीं रहा। बावजूद इसके पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है, ताकि ये स्पष्ट हो कि, आरोपी की भूमिका सिर्फ सीमित थी या वो किसी बड़े संगठित गिरोह का हिस्सा था।

राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में छापे

गौरतलब है कि, नीट पेपर लीख मामले में अबतक राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में लगातार छापेमारी और गिरफ्तारियां हो रही हैं. जांच एजेंसियों का दावा है कि पेपर लीक का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था और इसमें बड़ी रकम के लेनदेन के जरिए अभ्यर्थियों तक परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र पहुंचाए गए.

बड़े खुलासे होने की संभावना

अब देश के सीहोर कनेक्शन सामने आने के बाद जांच में और तेजी आ गई है। राजस्थान पुलिस आरोपी शुभम खैरनार से की जा रही पूछताछ के आधार पर उससे जुड़े संपर्कों, आर्थिक लेनदेन और शैक्षणिक नेटवर्क की लगातार पड़ताल कर रही है। पुलिस का मानना है कि, आगामी दिनों में इस मामले में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।