भोपाल से आई तीन सदस्यीय टीम ने की मामले की जांच
सीहोर. मैडम! भावना ने ऑपरेशन रूम से ही रोते हुए डॉक्टर अमिता श्रीवास्तव द्वारा की गई अभद्रता की पूरी जानकारी उसे मोबाइल पर दी थी। उसने बताया था कि मैडम ने सारी फाइल फेंककर ऑपरेशन करने से मना कर दिया है। इसके बाद डॉक्टर मैडम ने इलाज में लापरवाही बरती, जिससे उसकी पत्नी की मौत हो गई।
यह बात मृतक प्रसूता के पति अजय शर्मा ने भोपाल से आई तीन सदस्यीय जांच टीम के समक्ष कही। उसने कहा कि लापरवाह डॉक्टर पर कार्रवाई के बाद ही उसके दिल को सुकून मिलेगा। गुरुवार को जिला अस्पताल में मृतक भावना शर्मा की जांच को लेकर भोपाल स्वास्थ्य विभाग द्वारा भेजी गई टीम में डॉ कीर्ति डाले, सुरेश कुमार विकरोल और डॉ. रजी फराज की टीम पहुंची थी।
सुबह 11 बजे से लेकर तीन बजे तक स्टाफ के साथ मृतका के पति अजय शर्मा और देवर आनंद शर्मा सहित अन्य परिजनों से पूछताछ की गई। मृतका के पति ने टीम को बताया कि ऑपरेशन रूम में ही डॉ. अमिता श्रीवास्तव ने उसकी पत्नी की फाइल यह कहकर फेंक दी थी कि जिस निजी डॉक्टर से अभी तक उपचार कराया उसी से आपरेशन कराएं। यह सारी बात उसकी पत्नी ने फोन पर रोते हुए बताई थी।
इसके बाद डॉ. को मनाकर जैसे-तैसे ऑपरेशन कराने राजी किया तो लापरवाही बरतते हुए अधूरा उपचार छोड़कर अपने घर पर मरीजों को देखने चली गई। समय पर उपचार के अभाव में भावना ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। परिजनों के बाद चार जुलाई को घटना के समय मौजूद सभी स्टाफ से अलग-अलग पूछताछ की। मामले में जांच टीम की डॉ. कीर्ति डाले ने बताया कि प्रकरण में सभी पक्षों के बयान ले लिए गए हैं।
जांच उपरांत अगली कार्रवाई की जाएगी। चार घंटे से अधिक समय तक चली जांच के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने किसी को भी टीम से मिलने नहीं दिया। प्रबंधन ने कार्यालय के सामने एक होमगार्ड, दो पुलिस जवान और चार वार्ड वाय को तैनात कर दिया गया, ताकि कोई भी अंदर नहीं कर सके। जांच टीम ने भी किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। ज्यादा पूछने पर एक सदस्य ने शासन की प्रक्रिया के तहत जांच करने की बात कह कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया।
जिस पर आरोप उस से नहीं की पूछताछ
परिजनों का आरोप था कि मामले में अस्पताल में मौजूद नर्स, दाई के साथ घटना के समय मौजूद अन्य स्टाफ से अलग-अलग बयान दर्ज किए गए। पूरे मामले में डॉक्टर ने ही लापरवाही बरती थी, लेकिन जांच टीम ने बुलाया और न ही किसी तरह की पूछताछ की गई। प्रसूता महिला की मौत के मामले में भोपाल से आई टीम ने अभी तक केवल बयान ही दर्ज किए है।
मामले में भोपाल से आई जांच टीम ने अभी सभी पक्षों के अभिमत लिए हैं। जांच उपरांत दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रभाकर तिवारी, सीएमएचओ सीहोर