स्वास्थ्य परीक्षण के बाद नर्मदा घाट पहुंचे कंप्यूटर बाबा को मिले रेत के टीले...
सीहोर/नसरुल्लागंज. रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर सीहोर जिला लंबे समय से चर्चा में है। रविवार को कंप्यूटर बाबा रेत का अवैध उत्खनन रोकने सीहोर के नसरुल्लागंज पहुंच गए। बीते दो महीने में नदी न्यास के अध्यक्ष कंप्यूटर बाबा सीहोर जिले में रेत का अवैध उत्खनन रोकने दूसरी बार आए हैं।
जानकारी के अनुसार रविवार को सुबह 11 बजे नसरुल्लागंज पहुंचे कंप्यूटर बाबा ने सबसे पहले विश्राम गृह पर डॉक्टर को बुलाकार स्वास्थ्य परीक्षण कराया। डॉक्टर ने बाबा का ब्लड प्रेशर हाई होना बताया है। विश्राम गृह पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद कंप्यूटर बाबा छीपानेर पहुंचे, यहां से नर्मदा घाट होते हुए आम्बा, बडग़ांव होते हुए बुदनी की तरफ निकल गए।
कंप्यूटर बाबा के साथ एसडीओपी प्रकाश मिश्रा, नायब तहसीलदार अजय झा पुलिस बल लेकर चल रहे हैं। बताया जा रहा है कि नसरुल्लागंज से बुदनी के बीच नर्मदा नदी के करीब एक दर्जन घाट से कंप्यूटर बाबा निकले हैं, लेकिन एक भी जगह पर रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन होते नहीं मिला है।
नर्मदा नदी में कंप्यूटर बाबा को सिर्फ जगह-जगह रेत के ढेर मिले हैं, जिसे लेकर उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। हां, इतना जरूर है कि रास्ते में कई जगह ग्रामीणों ने बाबा से रेत लेकर तेज गति से दौडऩे वाले डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉली पर रोक लगाने की मांग की है।
नर्मदा नदी से रेत का उत्खनन और परिवहन तेजी से हो रहा है। रविवार को सुबह करीब 10 बजे से सोशल मीडिया पर कंप्यूटर बाबा के सीहोर पहुंचने को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। कंप्यूटर बाबा के नसरुल्लागंज पहुंचते ही नर्मदा नदी से सभी डंपर, जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली गायब हो गए।
कंप्यूटर बाबा विश्राम गृह पर करीब डेढ़ घंटे रुके, जब यहां से नर्मदा घाटों पर पहुंचे तो सभी वाहन गायब थे, नदी में सिर्फ रेत के ढेर लगे दिखाई दिए, जिसे लेकर बाबा ने सिर्फ इतना कहा कि जो भी रेत का अवैध उत्खनन करेगा, सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पहले तीन दिन नर्मदा नदी में डाला था डेरा
सीहोर जिले में रेत का अवैध उत्खनन रोकने कंप्यूटर बाबा ने दूसरी बार दस्तक दी है। इससे पहले कंप्यूटर बाबा ने 24 नवंबर को नसरुल्लागंज पहुंचकर तीन दिन नर्मदा नदी के घाटों पर धरना दिया था। कंप्यूटर बाबा के साथ करीब 500 साधु थे, जो रात दिन नर्मदा नदी के घाट पर रुके। बाबा का डेरा नर्मदा घाट पर होने को लेकर रेत का अवैध उत्खनन तीन दिन के लिए पूरी तरह बंद हो गया था, लेकिन जैसे ही कंप्यूटर बाबा साधुओं के साथ देवास के लिए रवाना हुए, नर्मदा नदी से रेत का अवैध उत्खनन फिर से पहले की तरह बड़े पैमाने पर होने लगा।
रेत का अवैध उत्खनन रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। बीते 15 साल में शिवराज सिंह चौहान ने जो कचरा फैलाया है, उसे उठाने में कुछ समय तो लगेगा। अफसर कोई भी हो, सरकार की मंशा के अनुरूप काम नहीं करेगा, उसे तत्काल हटाया जाएगा। नर्मदा नदी में रेत का अवैध उत्खनन नहीं होने देंगे।
- कंप्यूटर बाबा, अध्यक्ष नदी न्यास