mp weather: मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिन तेज बारिश का दौर बना रहेगा। सितंबर में अच्छी बारिश होने का अनुमान है। स्ट्रॉन्ग सिस्टम का असर अगले 24 घंटे के दौरान ज्यादा रहेगा।
mp weather: मध्यप्रदेश में बना स्ट्रांग सिस्टम जोरदार बारिश करा सकता है। मौसम विभाग ने अलर्ट भी जारी कर कहा है। अब तेज बारिश का दौर देखने को मिलेगा। खासकर मध्यप्रदेश के सीहोर जिले (sehore weather forecast) में तेज बारिश होगी। अगले 24 घंटे के दौरान एक बार फिर बारिश होगी। खास बात यह है कि सीहोर में होने वाली बारिश का असर भोपाल पर पड़ता है, क्योंकि सीहोर से बहकर पानी भोपाल के बड़े तालाब में आता है। इसके बाद भदभदा और कलियासोत डैम के गेट खोल दिए जाते हैं।
मध्यप्रदेश में मानसून ट्रफ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और डीप डिप्रेशन के कारण बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम फिर एक्टिव हो गया है। सोमवार को जिले में दोपहर को तेज बारिश हुई है। सीहोर और आष्टा में झमाझम बारिश से मौसम ठंडा हो गया है। आगे भी मौसम ऐसा ही रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिन तेज बारिश का दौर बना रहेगा। सितंबर में अच्छी बारिश होने का अनुमान है। स्ट्रॉन्ग सिस्टम का असर अगले 24 घंटे के दौरान ज्यादा रहेगा।
सीहोर जिले में अभी तक 948.3 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। पिछले साल से करीब 229.4 मिली मीटर बारिश ज्यादा हो चुकी है। जिले की औसत में अभी 200 मिलीमीटर कम है।
आरएके कृषि महाविद्यालय के मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएस तोमर ने बताया कि सोमवार को दिनभर बादल छाए रहे, जिसकी वजह से धूप भी कमजोर रही है। शहर का अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री और 23.5 डिग्री सेल्सियस रेकॉर्ड किया गया है। हवा की दिशा उत्तर एवं उत्तर-पूरब है और गति 14 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे रेकॉर्ड की गई है।
डॉ. तोमर के मुताबिक आगे 4 सितंबर तक घने बादल रहेंगे और रोज एक इंच बारिश के आसार हैं। बादल रहने के साथ धूप भी खिलेगी। उन्होंने बताया कि फसल की ग्रोथ के लिए अच्छा है, लेकिन कीट प्रकोप से फसल की सुरक्षा की जरूरत है। 2 या 2 से अधिक इल्ली प्रति वर्ग किलोमीटर दिखाई देने पर कीटनाशक का छिडक़ाव करें। यदि इससे कम इल्ली हैं तो खेत में 40 से 50 प्रति एकड़ टी और वाय आकार की खूटी लगाए।
मौसम में बार-बार बदलाव हो रहा है। आमजन अपनी इ्युनिटी बनाए रखें, बाहर खाने से बचें। इस समय हवा में नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण बीमारियों का खतरा है। इसमें सबसे प्रमुख है डेंगू और मलेरिया। इसके अलावा वायरल फीवर, फ्लू (इन्फ्लूएंजा, टाइफाइड, स्किन इंफेक्शन, फूड पॉइजनिंग, अस्थमा, पेट संबंधी समस्या हो सकती है। सबसे अहम है कि इ्युनिटी बनाए रखें। इसके लिए स्ट्रीट फूड खाने से बचें। मौसम में बदलाव के कारण खाद्य पदार्थ जल्दी खराब हो जाते हैं।