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सीहोर. हर साल की तरह इस बार भी जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में गुरुपूर्णिमा महोत्सव मनाया जाएगा। धार्मिक कार्यक्रम को लेकर तैयारियों शुरु हो गई हैं। 14 से 21 जुलाई तक होने वाले इस भव्य आयोजन को लेकर मंगलवार को विठलेश सेवा समिति की बैठक हुई।
गुरुपूर्णिमा महोत्सव को लेकर 40 एकड़ क्षेत्र में श्रद्धालुओं के ठहराने, कथा का श्रवण करने, भोजन की व्यवस्था की जा रही है। बारिश के सीजन को देखते हुए वाटर प्रूफ पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। विठलेस सेवा समिति के व्यवस्थापक समीर शुक्ला, पंडित विनय मिश्रा ने दावा किया है कि इस पंडाल में एक साथ तीन लाख से अधिक श्रद्धालु बैठ सकेंगे।
समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि 14 जुलाई से आरंभ होने वाले कार्यक्रम में रोज बाहर से श्रद्धालु आएंगे। सात दिन कथा चलेगी। 21 जुलाई को गुरुदीक्ष दी जाएगी। उन्होंने बताया कि हर साल गुरु के प्रति अपनी आस्था दिखाने के लिए आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर गुरु पूर्णिमा का त्योहार मनाया जाता है। गुरु पूर्णिमा का पर्व महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इसी दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था, इसीलिए इसे व्यास पूर्णिमा या गुरु पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। मीडिया प्रभारी दीक्षित के मुताबिक यहां पर श्रद्धालुओं के बैठने के लिए अनेक पंडाल के अलावा, उपचार केन्द्र, शौचालय आदि की व्यवस्था की जा रही है।
कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा अपने बयानों को लेकर लंबे समय से विवादों से घिरे हुए हैं। राधा रानी को लेकर दिए गए बयान के मामले में तो उन्होंने नाक रगडकऱ माफी भी मांगी है। अब गोस्वामी तुलसीदास जी को लेकर दिया गया बयान चर्चा में है। हालांकि, यह बयान काफी पुराना है, लेकिन बीते एक महीने से सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। उज्जैन में इसे लेकर थाने में भी शिकायत दर्ज कराई गई है। पंडित प्रदीप मिश्रा सीहोर स्थित आश्रम में हर साल रुद्राक्ष महोत्सव मनाते हैं, इस कार्यक्रम में 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालु भाग लेते हैं, लेकिन व्यवस्थाओं के नाम पर कुछ नहीं होता है। इस कार्यक्रम को लेकर इंदौर-भोपाल स्टेट हाइवे जाम हो जाता है।