गर्मी के दस्तक के साथ ही शहर भीषण पेयजल संकट से जूझने लगा है। शहर में एक ट्रैक्टर पानी 300 रुपए में बिक रहा है। नपा शहर के काहिरी, भगवानपुरा और जमोनिया जलाशय में शहर की पेयजल सप्लाई के लिए आरक्षित पानी की चोरी रोकने के लिए रात-दिन एक कर रही है, लेकिन पानी की […]
गर्मी के दस्तक के साथ ही शहर भीषण पेयजल संकट से जूझने लगा है। शहर में एक ट्रैक्टर पानी 300 रुपए में बिक रहा है। नपा शहर के काहिरी, भगवानपुरा और जमोनिया जलाशय में शहर की पेयजल सप्लाई के लिए आरक्षित पानी की चोरी रोकने के लिए रात-दिन एक कर रही है, लेकिन पानी की चोरी नहीं रुक रही है। शुक्रवार को नगरपालिका अमले ने रात 9.30 बजे काहिरी डैम पर दबिश देकर 10-10 हॉर्सपावर की दो मोटर पानी चोरी करते जब्त की हैं। नगरपालिका की टीम के साथ तीन पुलिसकर्मी बंदूकधारी भी थे। नपा की टीम में सहायक यंत्री विजय कोली, अतिक्रमणदल प्रभारी तिलक खाती, प्रकाश पवार शामिल थे। टीम रात 8.40 बजे काहिरी डैम के लिए निकली। अंधेरा होने के कारण पानी चोरी कर रही मोटरों को खोजने में काफी परेशानी हुई। लगभग 35 से 40 मिनट की मशक्कत के बाद टीम को 10-10 हॉर्सपावर की दो मोटर पानी चोरी करते हुए मिली, जिन्हें जब्त कर लिया गया है।
शहर की जल आपूर्ति के लिए सुरक्षित पानी पर किसानों की नजर बनी हुई है। गुरुवार को नगर पालिका के अमले ने कार्रवाई कर काहिरी डैम से चोरी से पानी खींच रहे पांच मोटर पंप जब्त किए। इस दौरान कुछ किसानों के साथ विवाद की स्थिति बनी। अमले ने 10-10 हॉर्सपावर की दो मोटर और तीन छोटी मोटर पंप जब्त की। कार्रवाई के दौरान किसान आ गए और विरोध करने लगे, जिसे लेकर शुक्रवार को नका की टीम पुलिस बल साथ लेकर पहुंची और मोटर जब्त कीं।
शहर में जल वितरण व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए प्रमुख जल स्त्रोत काहिरी, भगवानपुरा और जमोनिया जलाशय की नगर पालिका बोट के जरिए निगरानी कर रही है। पिछले सप्ताह नगर पालिका ने भगवानपुरा जलाशय से बोट के जरिए डैम के अंदर से 10 हॉर्सपावर की एक मोटर जब्त की थी। नगर पालिका सीएमओ भूपेन्द्र दीक्षित ने बोट टीम में 18 कर्मचारी रखे हैं। जब इस टीम का गठन किया गया था, तब अफसरों ने पानी चोरी करने के लिए जलाशयों में मोटर लगाने वाले किसानों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने की बात कही थी, लेकिन अभी तक एक के भी खिलाफ एफआइआर दर्ज नहीं कराई गई है।
किसान नदी, नाले और जलाशयों में बड़ी-बड़ी मोटर डाल कर पानी की चोरी कर रहे हैं। इसी रतार से पानी चोरी होती रही तो आने वाले दिनों में शहर के लिए आरक्षित पानी भी खत्म हो जाएगा। भीषण गर्मी के दौर में जलसंकट गहराने के हालात बन सकते हैं। बीते साल जिले में सामान्य से कम वर्षा हुई। गर्मी में जल संकट की स्थिति नहीं बने, इसलिए पानी सहेजना सबकी जिमेदारी है। अभी गर्मी की शुरुआत ही हुई है कि शहर में टैंकर दौड़ने लगे हैं। 40 फीसदी निजी बोर सूख गए हैं।