
Sehore News :मध्य प्रदेश की सीहोर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली बुधनी विधानसभा के कोसमी इलाके में जनजातीय परिवारों के मकान और फसलों पर प्रशासन द्वारा की गई बुल्डोजर कार्रवाई से सीहोर सांसद शिवराज सिंह चौहान के नाराज होने के बाद अब उनके बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान कोसमी पहुंचे हैं। यहां उन्होंने न सिर्फ पीड़ितों का दुख बांटा, बल्कि पीड़ित परिवार के एक बच्चे का जन्मदिन भी मनाया।
अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर कोसमी दौरे की जानकारी देते हुए कार्तिकेय सिंह चौहान ने लिखा कि, 'कोसमी में अपने जनजातीय भाई - बहनों के बीच पहुंचा तो पता चला कि, यहां के एक पीड़ित परिवार के नन्हे जय का चौथा जन्मदिन है। फिर क्या था, हम सबने मिलकर केक काटा और जश्न मनाया। मुश्किल हालात में भी इन परिवारों की मुस्कान और अपनों के लिए प्यार देखकर मन भर आया। सच है, खुशियां साधनों की मोहताज नहीं होतीं।'
इस दौरान कार्तिकेय सिंह चौहान ने पीड़ित परिवारों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन भी किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को दुलारा और परिवारों का दर्द सुना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि, जिन परिवारों के मकान तोड़े गए हैं, उन्हें तिरपाल के सहारे जीवन बिताने के लिए मजबूर नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने ग्रामीणों से वादा किया कि, प्रभावित परिवारों के मकान उसी स्थान पर बनवाने की पहल की जाएगी, जहां से उन्हें हटाया गया है।
आपको बता दें कि, जनजातीय बाहुल क्षेत्र कोसमी बुधनी विधानसभा क्षेत्र में आता है। ये वही सीट है, जहां से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री रहते हुए कई बार विधायक रह चुके हैं। फिलहाल, शिवराज सिंह चौहान इसी के संसदीय क्षेत्र सीहोर से सांसद हैं। इसे शिवराज का गृह नगर भी कहा जाता है। शिवराज सिंह के लोगकसभा जाने के बाद खाली हुई बुधनी सीट पर भाजपा से रमाकांत भार्गव विधायक हैं। लेकिन, राजनीतिक जानकारों की मानें तो शिवराज के बेटे कार्तिकेय अपने पिता की पारंपरिक सीट पर जमीन तलाशने में हैं। यही कारण है कि, वो लगातार क्षेत्र में अपनी सक्रीयता बढ़ा रहे हैं।
आपको बता दें कि, बीती 11 अक्टूबर को कोसमी गांव में प्रशासन और वन विकास निगम की कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर आदिवासी परिवारों के 12 मकान तोड़े थे, साथ ही, फसलें भी नष्ट की थीं। कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया। घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर नाराजगी बढ़ी और मामला राजनीतिक गलियारों में भी गरमा गया। एक तरफ विपक्ष ने कार्रवाई पर सवाल उटाए तो वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी प्रशासनिक कार्रवाई को गलत ठहराते हुए पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होने का बात कही। साथ ही, प्रशासनिक कार्रवाई को मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने रखने की भी बात कही थी।