सेंधवा

Navratri 2021 मन्नत पूरी होने के चमत्कारिक संकेत देनेवाली माता

bijasan mata sendhwa
2 min read
Oct 12, 2021
Navratri 2021
Navratri 2021

सेंधवा बड़वानी। नवरात्रि में हर जगह माता की भक्ति की जा रही है. देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ लग रही है. नवरात्र 2021 के मौके पर patrika.com आप को बता रहा है मध्यप्रदेश के प्रमुख देवी मंदिरों के बारे में...। आइए जानते हैं बड़वानी के सेंधवा के विख्यात दुर्गा मंदिर बिजासन माता मंदिर के बारे में जोकि सतपुडा की पर्वत श्रृंखला में निर्मित किया गया है.

सेंधवा से करीब 16 किमी दूर स्थित इस मंदिर में माता की पिंडी स्वरूप प्रतिमा विराजित है. इस मंदिर को बड़ी बिजासन माता मंदिर के रूप में भी जाना जाता है. मंदिर केवल धार्मिक क्रियाकलापों के लिए नहीं बल्कि सामाजिक और शैक्षणिक कार्यों के लिए भी पहचाना जाता है. मंदिर परिसर में बच्चों की शिक्षा के लिए वर्षों से स्कूल संचालित किया जा रहा है. इस शिवाजी विद्यालय में गरीब बच्चों को निशुल्क आवासीय शिक्षा दी जा रही है.

मंदिर में गोवंश संरक्षण के लिए गोशाला का संचालन भी किया जा रहा है. यहां 200 से ज्यादा गायों की देख-रेख की जा रही है. खास बात यह है कि गोशाला के लिए कभी गाय खरीदी नहीं गई है बल्कि गोवंश तस्करी की जब्त की जाने वाली कमजोर और दूध नहीं देने वाली गायों को इस गोशाला में रखकर उनकी सेवा की जाती है. श्रद्धालुओं से मिलने वाले दान के ये कार्य होते हैं.

माता का यह मंदिर मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर है। कोरोना संक्रमण और लाकडाउन की वजह से पिछले साल जब श्रमिकों और मजूदरों ने पैदल, वाहनों से अपने घरों की और रुख किया तो मंदिर ट्रस्ट ने उनके भोजन और पेयजल का इंतजाम किया. लाखों मजदूरों को भोजन—पानी उपलब्ध कराया. मां बड़ी बिजासन ट्रस्ट इन सेवा कार्यों का संचालन करता है.

बड़ी बिजासन माता का यह मंदिर 300 वर्ष से अधिक पुराना है। मंदिर में मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र सहित गुजरात से भी हजारों श्रद्धालु आते हैं। यहां माता पिंडी स्वरूप में विराजित हैं। मां बड़ी बिजासनी माता महाराष्ट्रीयन समाज की कुलदेवी हैं, जिसके चलते नवरात्रि में तो यहां महाराष्ट्रीयन समाज के हजारों श्रद्धालु आते हैं. मान-मन्नात के लिए चैत्र और शारदीय नवरात्र प्रारंभ होते ही बड़ी संख्या में भक्त यहां आ जाते हैं.

इस मंदिर का अब तक तीन बार जीर्णोद्धार भी हो चुका है। पर्वत के बीच बना मंदिर बहुत आकर्षक दिखता है. प्राकृतिक रूप से स्थापित माता मनोकामना पूर्ति करनेवाली माता के रूप में मान्य हैं. चंद्रपुर के महेश पाटिल बताते हैं कि यहां आनेवाले भक्तों को माता पर अगाध विश्वास है. माता कुछ विशेष संदेश दे देती हैं जो बताते हैं कि आपकी मन्नत पूरी हो जाएगी. किसी को स्वप्न में दर्शन देती हैं तो किसी को महिला बनकर आध्यात्मिक अहसास दिलाती हैं.

Updated on:
12 Oct 2021 08:12 am
Published on:
12 Oct 2021 08:12 am