
Sendhwa Funeral- प्रतीकात्मक तस्वीर
Sendhwa- सेंधवा के पास वरला तहसील के ग्राम बलवा में एक दिन पहले नदी में डूबने से एक ही परिवार के तीन सगे भाई-बहन राधा, राजवीर और जयवीर की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। गुरुवार को एक ही चिता पर तीनों मासूमों की अंत्येष्टि की गई। यह दुखद नजारा देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। ग्रामीणों ने बताया कि हादसे के बाद से ही पूरा परिवार गहरे सदमे में है। मां बार-बार बच्चों को चिल्लाकर आवाज लगा रही है। वहीं पिता भी खुद को संभाल नहीं पा रहे हैं।
तीनों बहन भाई पहले से ही मामा के घर रह रही अपनी बड़ी बहन राधिका से मिलने के लिए घर से निकले, बीच में नदी पर नहाने रुक गए
ग्रामीणों के अनुसार पवन ब्राह्मणे और उनकी पत्नी दूसरे फलिया के घर गए हुए थे। बच्चे नदी के पास बने घर के समीप थे। तीनों बहन भाई पहले से ही मामा के घर रह रही अपनी बड़ी बहन राधिका से मिलने के लिए घर से निकले थे। बीच में नदी पर नहाने रुक गए। इसकी जानकारी किसी को नहीं थी, जब बच्चे बहुत देर तक नहीं दिखे तो खोजबीन शुरू हुई।
नदी किनारे बच्चों के कपड़े पड़े मिले और चप्पलें भी दिखी। पिता पवन ने तत्काल नदी में छलांग लगा दी। गहराई में जाते ही एक हाथ उनके हाथ से टकराया। उसे खींचा तो 10 वर्ष की बेटी राधा का शव मिला। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से आठ वर्ष के राजवीर और छह वर्ष के जयवीर के शव भी निकाले गए।
जानकारी के अनुसार तीनों बच्चों को तैरना नहीं आता था। उन्हें नदी की गहराई का अंदाजा ही नहीं था। नदी में नहाते समय तीनों भाई बहन गहरे पानी में चले गए और डूब गए। ग्रामीणों के मुताबिक घटनास्थल पर नदी की गहराई करीब 10 फीट है। करीब 30 से 45 मिनट तक बच्चे पानी में डूबे रहे। पोस्टमार्टम के बाद बच्चों के शव परिजनों को सौंप दिए गए।
तीनों बच्चों की अंत्येष्टि देवली गांव में हुई। जब एक ही चिता पर भाई बहन की पार्थिव देह रखी गई तो हर आंख नम हो उठी। तीनों भाई बहन के अंतिम संस्कार के दौरान क्षेत्रीय विधायक मोंटू सोलंकी भी उपस्थित रहे। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और बच्चों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान देवली सहित दुगनी, नहाल वन, बिलवा सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
Updated on:
24 Apr 2026 08:49 am
Published on:
24 Apr 2026 08:47 am
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