हाल ही में नवरात्र और दशहरा, मोहर्रम जैसे त्योहार बीते हैं और आने वाले दिनों में धनतेरस, दीपावली है। ऐसे में भी प्रशासन तो अपने स्तर से जांच और कार्रवाई करेगा ही नागरिकों को भी मेवा-मिष्ठान से लेकर दूसरी चीजों की खरीदी तक में सतर्कता बरतना होगा। लापरवाही बरतने पर त्योहारी खरीदी बीमारी का कारण बन सकती है।
नागरिकों को ही रहना होगा अलर्ट
प्रशासन और सम्बंधित विभाग के अफसरों की अनदेखी भले ही होती रहे, लेकिन नागरिकों को ही बाजार से खाद्य सामग्री की खरीद में सतर्कता रखनी होगी। क्योंकि शहर में मिठाईयां ही नहीं दूसरी खाद्य सामग्रियां भी मिलावटी हो सकती हैं, क्योंकि पूर्व में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। उपभोक्ता कांग्रेस के सदस्यों द्वारा भी उपभोक्ताओं को जागरूक करने अभियान चलाया जा रहा है।
कानूनी कार्रवाई का है प्रावधान
खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर कार्रवाई के लिए कठोर कानून हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अफसरों की अनदेखी से मिलावटखोरों की मौज है, उन्हें खाद्य सुरक्षा कानून का भी खौफ नहीं है। जानकार बताते हैं खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के तहत मिलावट पाए जाने पर खाद्य पदार्थ असुरक्षित होने पर सजा तक का प्रावधान है।
त्योहारी सीजन में बढ़ती है मिलावटखोरी-
जिले भर में दूध, खोवा और मिष्ठान का व्यापार दीपावली त्योहार के दौरान जमकर होता है। इसमें कई जगह से मिलावटी माल बिकने की खबरें भी सामने आती हैं। नियम अनुसार अफसरों को खाद्य सामग्री के सेम्पल लेकर जांच करनी चाहिए, लेकिन इस त्योहारी सीजन में ऐसा होता नहीं दिख रहा।
विभागीय तौर पर नियमित जांच की जाती है। जहां से भी शिकायत मिलेगी, नियम अनुसार सेंपल लेकर जांच कराई जाएगी। दुकानदारों को भी मिलावटी सामग्री के विक्रय न करने की सख्त हिदायत दी जा रही है।
अवशेष अग्रवाल, खाद्य निरीक्षक, खाद्य औषधि प्रशासन विभाग।