सिवनी

Seoni news: ’35 लाख’ और ‘आरोपी’ दोनों गायब, 5 दिन से लखनऊ में डेरा डाले बैठी MP पुलिस

Fraud of 35 lakh: व्यापारी वैभव शिवहरे से सुपाड़ी सप्लाई के झांसे में 35 लाख रुपए ठगे गए। पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए पांच दिनों से लखनऊ में डेरा डाले हुए है। आरोपियों के घर पर दबिश के बावजूद वे फरार बताए जा रहे हैं।
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Aug 03, 2026
Fraud of 35 lakh: 35 लाख रुपए की ठगी (Photo Source: AI Image)
Fraud of 35 lakh: 35 लाख रुपए की ठगी (Photo Source: AI Image)

Seoni news: एमपी में सिवनी के छपारा थाना क्षेत्र में व्यापार के नाम पर फिल्मी अंदाज में लाखों रुपए की ठगी मामले में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ में डेरा डाल दिया है। छपारा निवासी कारोबारी वैभव शिवहरे से कथित व्यापारियों ने सुपाड़ी सप्लाई का झांसा देकर 35 लाख रुपए ठग लिए थे। छपारा पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बताया जाता है कि पुलिस आरोपियों के धड़पकड़ के लिए पांच दिनों से उत्तर प्रदेश के लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं। पुलिस को आरोपियों के घर की भी जानकारी हो गई है। पुलिस ने घर पर भी दबिश दी, लेकिन वे वहां से भी फरार बताए जा रहे हैं। आरोपियों के मोबाइल नंबर भी बंद आ रहे हैं।

जमा कराए थे 35 लाख रुपए

जानकारी के अनुसार छपारा निवासी वैभव शिवहरे कंस्ट्रक्शन सप्लाई एवं अंतर्राष्ट्रीय सामग्री सप्लाई का कारोबार करता है। उसे बांग्लादेश की कंपनी अभिराज इंटरप्राइजेज से 100 मीट्रिक टन सुपाड़ी सप्लाई का ऑर्डर मिला था। 6 जुलाई को वैभव के पास एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को महाराष्ट्र के सांगली स्थित श्री बालाजी ट्रेडर्स का संचालक धीरज पाटिल बताया। उसने वॉट्सएप पर सुपाड़ी के सैंपल की तस्वीरें भेजी। सैंपल पसंद आने पर दोनों के बीच 2.20 लाख रुपए प्रति टन की दर से 100 मीट्रिक टन सुपाड़ी का करीब 2.20 करोड़ रुपए का सौदा तय हुआ। आरोपी ने सप्लाई के लिए 20 प्रतिशत अग्रिम राशि की मांग की।

इस पर वैभव ने उसके बताए बैंक खाते में तीन किश्तों में 35 लाख रुपए जमा करा दिए। इसके बाद वैभव 19 जुलाई को महाराष्ट्र के सांगली गया। धीरज पाटिल और दिलीप पाटिल ने गोदाम ले जाकर सैंपल दिखाया। वैभव ने उसे रिजेक्ट कर दिया। उसका कहना था कि वाट्सएप पर जो सैंपल की फोटो भेजी थी उसके अनुसार सुपाड़ी सही नहीं है। वैभव ने माल लेने से इंकार कर डील रद्द कर दी और अपनी अग्रिम राशि वापस मांगी। आरोपियों ने 22 जुलाई तक पैसे लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में वे मोबाइल बंद कर गायब हो गए।

तीन दिन के लिए भाड़े पर लिया था गोदाम

बताया जाता है कि महाराष्ट्र में आरोपी वैभव को जिस गोदाम में लेकर गए थे उस गोदाम को तीन दिन के लिए भाड़े पर लिया था। बकायदा श्री बालाजी ट्रेडर्स का बोर्ड और जीएसटी नंबर लगा था। जांच करने पर पता लगा कि दोनों व्यक्तियों के नाम पर कोई फर्म नहीं है। आरोपियों ने संबंधित फर्म पर जीएसटी नंबर और फर्म से मिलती जुलती दूसरी फर्म की आईडी बनाई थी। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि यूपी के लखनऊ निवासी सिद्धांत सिंह के बैंक खाते में पैसा गया है, जो मोबाइल सिम थी वह दूसरे के नाम थी। पुलिस ने सिद्धांत को आरोपी बनाया है।

Updated on:
03 Aug 2026 01:05 pm
Published on:
03 Aug 2026 01:05 pm