राज्य शिक्षा केन्द्र ने जिले के अधिकारियों को दिए निर्देश
सिवनी. हर साल से अलग इस बार आजादी का जश्न सभी स्कूलों में अलग ही तरह से मनाया जाएगा। शाला में विद्यार्थी को व्यक्तिगत महत्व मिले, तो वे प्रोत्साहित हो अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शित करने को आतुर होते हैं। उनके पालक भी विद्यालयीन गतिविधियों से तभी उत्साहपूर्ण भावनाओं से जुडते हैं, जब उनके बच्चे भी शालेय गतिविधियों में शामिल हों। इस विचार से प्रयास होना चाहिए कि, शाला गतिविधियों में शत-प्रतिशत विद्यार्थियों की सहभागिता को सुनिश्चित किया जाए। आगामी 15 अगस्त स्वाधीनता पर्व के अवसर पर सभी शासकीय विद्यालयों में आयोजित की जाने वाली सांस्कृतिक एवं क्रीडा गतिविधियों मे शाला में नामांकित शत-प्रतिशत विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली गतिविधियों के अवलोकन के लिए उनके पालकों को शाला में आमंत्रित किया जाए। यह निर्देश राज्य शिक्षा केन्द्र की संचालक आईरीन सिथिंया जेपी ने जिले के मैदानी अधिकारियों को प्रदान किए हैं।
कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा केन्द्र समन्वयक को प्रेषित पत्र में उन्होंने सभी विद्यार्थियों की सहभागिता की दृष्टि से कुछ गतिविधियां भी सुझाई हैं। जिसके अनुसार हमारा स्वर समूह गान, मेरी भावना मेरे रंग (चित्र प्रदर्शनी), माय पेन माय हेंडराईटिंग (सुलेख प्रदर्शनी) एवं सामूहिक गीत प्रस्तुति नाटक (रोल प्ले) आपसी संवाद एवं अन्य भाषण कौशल जैसे कार्यक्रम भी 15 अगस्त को आयोजित करने का सुझाव दिया गया है।
जिला परियोजना समन्वयक जेके इड़पाचे ने बताया कि राज्य शिक्षा केन्द्र के निर्देश अनुसार इस वर्ष स्वाधीनता दिवस के अवसर पर शासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चित्रों की प्रदर्शनी में, विद्यार्थियों द्वारा स्वाधीनता दिवस, स्वतंत्रता संग्राम, हमारे महापुरुष, राष्ट्रीय चिन्ह और प्रतीक, हमारा विद्यालय, पर्यावरण और प्रकृति, जीव-जंतु, मेरा प्रिय खेल, आदि विषयों पर चित्रों का निर्माण कर प्रदर्शित किया जाएगा। वहीं भाषाई झिझक दूर करने की दृष्टि से, विद्यार्थियों के द्वारा अंग्रेजी में किए गए सुलेख कार्य को भी प्रदर्शनी के रुप में प्रस्तुत किया जाएगा। जिसके तहत् विद्यार्थी अपने पाठ्यक्रम या किसी भी अन्य रुचिकर विषय पर अंग्रेजी भाषा का एक पृष्ठ सुलेख कार्य करेंगे।
इसके अलावा कहा गया कि कक्षा 1 और अन्य छोटी कक्षाओं के विद्यार्थियों की भी सहभागिता के लिए उन्हें एक पेज भर अंक, अक्षर और शब्द आदि लिखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कक्षा शिक्षक इन सुलेख पृष्ठों को एकत्रित कर, 15 अगस्त के दिन, शाला में माय पेन माय हेंडराईटिंग सुलेख प्रदर्शनी के रुप में प्रदर्शित करेंगे। इसके अलावा सामूहिक गीत प्रस्तुति, नाटक रोल प्ले, आपसी संवाद एवं अन्य भाषण कौशल के कार्यक्रम भी इस अवसर पर स्कूलों में आयोजित किए जाएंगे।
शाला के स्वाधीनता समारोह में अपने बच्चों की प्रदर्शनियों का अवलोकन करने एवं उनकी अन्य सांस्कृतिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए पालकों भी आमंत्रित किया जा रहा है। संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र ने अपने पत्र में कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक से कहा है कि शालेय स्वतंत्रता दिवस समारोह की गतिविधियों मेंए शत-प्रतिशत विद्यार्थियों की सहभागिता को सुनिश्चित करने जिले की समस्त शालाओं को दिशा निर्देश प्रदान करें।