
सिवनी. गांवों की तस्वीर बदलने में पंचायतों की भूमिका अहम होती जा रही है। पंचायतें अपनी आय बढ़ाएं तो गांवों में विकास ही विकास हो। जिले में कई ऐसी पंचायतें हैं, जिन्होंने विभिन्न माध्यम से आय बढ़ाई और आत्मनिर्भर हुई हैं। उन्हें गांव में छोटे-छोटे विकास कार्यों के लिए शासन से बजट की उम्मीद नहीं रहती है। वे आय अर्जित कर रहे हैं और उस पैसे को गांव के विकास में लगा रहे हैं। इसका उदाहरण सिवनी जिले की गोपालगंज ग्राम पंचायत बन रही है। पंचायत ने बाजार बैठकी, संपत्तिकर, सामुदायिक भवन, राइस मिल, स्वच्छता जैसे स्थानीय संसाधनों से अपनी आमदनी बढ़ाई है।
यही वजह है कि अब छोटे विकास कार्यों के लिए पंचायत को सरकारी राशि का इंतजार नहीं करना पड़ता। बता दें कि 16वें वित्त आयोग ने ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार से पंचायतों के अनुदान में 84 प्रतिशत की वृद्धि की सिफारिश की है। इसमें जो पंचायतें आत्मनिर्भर होंगी उन्हें विकास के लिए अतिरिक्त राशि दी जाएगी। करीब 3000 आबादी वाले गोपालगंज पंचायत में तीन गांव शामिल हैं। पंचायत को चार वर्ष पहले जहां केवल डेढ़ से दो लाख रुपए टैक्स से प्राप्त होते थे, वहीं अब यह राशि बढकऱ करीब 8 लाख रुपए प्रतिवर्ष तक पहुंच गई है। पंचायत को मकान टैक्स से प्रतिवर्ष करीब दो लाख रुपए एवं बाजार बैठकी से प्रतिवर्ष साढ़े पांच लाख रुपए की आय हो रही है। वहीं राइस मिल से भी पंचायत को प्रतिवर्ष 60 हजार रुपए टैक्स मिल रहा है। इसके अलावा सामुदायिक भवन से भी आय हो रही है। इसी आय से पंचायत अब पुल-पुलिया, पाइपलाइन, बोर और अन्य छोटे मरम्मत कार्य स्वयं करा रही है। बिजली बिल का भुगतान, कर्मचारियों का वेतन, स्ट्रीट लाइट, स्टेशनरी, बोर सहित अन्य छोटे काम का खर्च भी पंचायत खुद उठा रही है। पहले इन कार्यों के लिए सरकारी राशि का इंतजार करना पड़ता था।
गोपालगंज पंचायत मॉडल
पंचायत क्षेत्र-तीन गांव(गोपालगंज, दतनी, बडक़ुमारी)
आबादी-3000
वार्षिक स्थानीय आय- करीब 8 लाख रुपए
प्रमुख आय स्त्रोत-राइस मिल, संपत्तिकर, बाजार बैठकी
बदलाव-मरम्मत कार्य, बिजली बिल, स्वच्छता, कर्मचारी वेतन, स्टेशनरी
इस तरह बदली तस्वीर
पहले-2 से 3 लाख रुपए प्रतिवर्ष आय
छोटे कामों के लिए सरकारी फंड का इंतजार
अब-करीब 8 लाख रुपए प्रतिवर्ष आय
-पंचायत खुद करा रहा छोटे विकास कार्य
नवाचार-घाट निर्माण, पौधरोपण, पुरानी बावड़ी निर्माण
इनका कहना है…
पहले डेढ़ से दो लाख रुपए पंचायत को टैक्स मिलते थे। अब करीब 8 लाख रुपए प्रतिवर्ष मिल रहा है। जिससे पंचायत में कई विकास कार्य कराए जा रहे हैं। खर्च के बाद भी हर वर्ष शासन को पंचायत कुछ आय अर्जित करके दे ही रही है। आने वाले समय में कई विकास कार्य कराए जाने हैं। सोलर ऊर्जा से बिजली को लेकर भी प्रक्रिया चल रही है।
हरीशंकर साहू, सरपंच, गोपालगंज पंचायत
Published on:
26 May 2026 01:25 pm
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