
सिवनी. जिले में एक तरफ जल जीवन मिशन परियोजना पूरी नहीं हो पाई है तो वहीं दूसरी तरफ शहर में बिछे वर्षों पुराने पाइपलाइन के माध्यम से लोगों की प्यास बुझ रही है। आए दिन यह पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो जाती है। जिससे लोगों के घरों तक या तो दूषित पानी पहुंचता है या फिर पानी की समस्या हो जाती है। बताया जाता है कि वर्ष 1995 में शहर की प्यास बुझाने के लिए पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया गया था। वहीं सुआखेड़ा इंटकेवल एवं बंडोल प्लांट से लोगों को पानी दिया जा रहा है। बंडोल प्लांट में 12 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट है। यह भी लगभग 4 दशक पुराना है। लाइन डैमेज हो चुकी है। इसकी वजह से कई बार समस्या का सामना करना पड़ता है। वर्तमान में भारत सरकार की एक प्रमुख शहरी योजना अमृत 2.0 के अंतर्गत लगभग 61 करोड़ रुपए की लागत से सुआखेड़ा से बबरिया तक लगभग 28 किलोमीटर की नई मुख्य पाइपलाइन बिछाई जा रही है। इसमें पांच नई टंकियों का निर्माण एवं 15 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाया जाना है। काम चल रहा है। हालांकि इसे पूरा होने में अभी समय लगेगा। बताया जाता है कि यह काम पूरा होने के बाद बंडोल प्लांट भी भविष्य में बंद कर दिया जाएगा। यानी बबरिया से ही पूरे शहर को पानी दिया जाएगा। हालांकि शहर में वर्षों पुरानी पाइपलाइन की जगह नई पाइपलाइन बिछाने को लेकर कार्य शुरु नहीं हुआ है। ऐसे में आए दिन समस्या खड़ी हो रही है। पंचायतों में भी टूटी पाइपलाइन से लोग पानी ले रहे हैं। नगर पालिका इन्हें नोटिस भी दे चुकी है। बताया जाता है अमृत 2.0 में ही शहर में वर्षों पुरानी पाइपलाइन बदलने की योजना है। वहीं कई क्षेत्र में पाइपलाइन विस्तार भी किया जाएगा।
शीशा का जोड़ होने से टूटती है लाइन
जानकारों की मानें तो शहर में वर्षों पुरानी पाइपलाइन में शीशा का जोड़ है। अक्सर बिजली कटौती सहित अन्य वजहों से पानी नहीं भेजा जाता तो पाइप धूप में नरम हो जाती है और इसके बाद पानी के प्रेशर से पाइप लाइन टूट रही है।
पार्षद ने सीएमओ को लिखा था पत्र
विवेकानंद वार्ड के पार्षद राजेश राजू यादव ने बीते दिन सीएमओ को पत्र लिखकर वार्ड में गंदा एवं पीला पानी आने की शिकायत की थी। जबकि नगर पालिका दावा करती है कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाला पानी पूरी तरह स्वच्छ रहता है।
जागरुकता की भी दरकार
शहर में नलों की सप्लाई के समय को लेकर भी आए दिन वार्डवासी आपत्ति उठा रहे हैं। जल सुनवाई में भी ऐसे कई मामले आ चुके हैं। वहीं शहर के कई वार्डों में नल खुला होने से अक्सर पानी बहता है। नगर पालिका को इस पर भी लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।
इनका कहना है…
अमृत 2.0 के अंतर्गत सुआखेड़ा से बबरिया तक लगभग 28 किमी तक 61 करोड़ की लागत से पाइपलाइन बिछाई जा रही है। शहर में पुरानी पाइपलाइन भी बदली जाएगी। इसके लिए चरणबद्ध कार्य चल रहा है।
विशाल सिंह मर्सकोले, सीएमओ, नपा, सिवनी
Published on:
19 May 2026 06:11 pm
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