
कविता सुनाने पर दी शाबाशी, आंगनबाड़ी केंद्रों का किया औचक निरीक्षण
सिवनी. जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर कलेक्टर नेहा मीना ने शुक्रवार को सिवनी विकासखंड के आंगनबाड़ी केंद्र कोहका एवं केकड़वानी का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्रों में जानकारी प्राप्त की एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए संचालित गतिविधियों की समीक्षा की।
भोजन एवं नाश्ते की गुणवत्ता का अवलोकन
कलेक्टर ने बच्चों के बौद्धिक एवं शारीरिक विकास से जुड़ी गतिविधियों का अवलोकन करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कुपोषित, अतिकुपोषित एवं कुपोषण के प्रति संवेदनशील बच्चों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों की स्थिति गंभीर है, उन्हें आवश्यकता अनुसार पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जाए एवं उनके स्वास्थ्य की सतत निगरानी की जाए। कलेक्टर ने दोनों आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को दिए जा रहे भोजन एवं नाश्ते की गुणवत्ता का भी अवलोकन किया। उन्होंने निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक, गुणवत्तापूर्ण एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था और भोजन तैयार करने में स्वच्छता के मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बच्चों से संवाद किया, उनसे कविताएं सुनीं और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने बच्चों की सीखने की क्षमता और गतिविधियों में उनकी सहभागिता की सराहना की।
सुरक्षा व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश
आंगनबाड़ी केंद्र केकड़वानी में कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा विकसित पोषण वाटिका का अवलोकन कर उसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि पोषण वाटिकाएं बच्चों को ताजी एवं पौष्टिक सब्जियां उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम हैं और इन्हें अन्य केंद्रों में भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। केंद्र में बेहतर व्यवस्था पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका की सराहना की। कोहका में सुरक्षा की दृष्टि से परिसर में उगी झाडिय़ों की सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है।