सिवनी

डबल रेल लाइन होती तो घंटों बाधित नहीं होता सिवनी-नैनपुर रेलमार्ग

गनीमत रही कि ट्रेन के सबसे पीछे वाली बोगी(एसएलआर) पटरी से उतरी। इस बोगी में यात्री भी बैठे हुए थे।

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Mar 16, 2026

शहडोल-नागपुर एक्सप्रेस की बोगी पटरी से उतरने के बाद बिगड़ी थी स्थिति

सिवनी. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, नागपुर मंडल के अंतर्गत बीते शुक्रवार खैररांजी एवं गंगाटोला के बीच शहडोल-नागपुर एक्सप्रेस के पटरी से उतरने की घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। गनीमत रही कि ट्रेन के सबसे पीछे वाली बोगी(एसएलआर) पटरी से उतरी। इस बोगी में यात्री भी बैठे हुए थे। अगर ट्रेन के अगले हिस्से की बोगी पटरी से उतरती तो बड़ा हादसा हो सकता था। कई बोगियों के पटरी से उतर सकती थी। हादसे के बाद सिवनी-नैनपुर रेलमार्ग पर ट्रेनों का परिचालन घंटों ठप रहा। जानकारों का कहना है कि मामले में गंभीर लापरवाही बरती गई है। जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। जिससे भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो। वहीं अब सिवनी से नैनपुर एवं नागपुर तक डबल रेल लाइन की मांग फिर से उठने लगी है। जानकारों की मानें तो अगर डबल रेल लाइन की सुविधा सिवनी से नैनपुर रेलमार्ग पर होती तो दूसरे रेल लाइन से अन्य ट्रेनों को सुचारू रूप से चलाया जा सकता था। सिंगल रेल लाइन होने की वजह से आने वाले समय में और भी परेशानी हो सकती है। बता दें कि शहडोल-नागपुर एक्सप्रेस की बोगी पटरी पर उतरने के बाद लगभग एक किमी तक घसीटती हुई आगे बढ़ चुकी थी। इसी दौरान गार्ड ने ब्रेक लगाया और लोको पायलट को भी सूचना दी। इसके बाद ट्रेन को रोका गया। ट्रेन में 400 से अधिक यात्री सवार थे। ट्रेन के अचानक रूकने से तगड़ा झटका भी लगा। जिससे यात्री सहम गए। हालांकि हादसे में एक महिला को हल्की चोट आई। वहीं शेष यात्री सुरक्षित पाए गए। हादसे के बाद लगभग 15 मीटर दूरी तक रेल पटरी टेढ़ी भी हो गई। वहीं कई जगह घसीटने के निशान पाए गए हैं। इंजीनियरिंग विभाग ने घंटों मशक्कत के बाद दूसरी रेल पटरी लगाई।

20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गुजर रही ट्रेन
हादसे के बाद से रेल पटरी को ठीक किया गया। घटनास्थल पर ट्रेनों का परिचालन अधिकतम 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से किया जा रहा है। जबकि घटना के दिन ट्रेन की रफ्तार 110 किमी प्रति घंटे थी।

मामले में कई पर गिर सकती है गाज
घटना के बाद मौके पर पहुंची दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर मंडल के डीआरएम दीपक गुप्ता ने कमेटी गठित कर जांच के आदेश दिए है। नागपुर एवं बिलासपुर की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया है। संबंधित रेलवे विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पूछताछ भी की गई है। हालांकि दो दिन बाद भी यह पता नहीं चल पाया है कि आखिर गलती किसकी थी। जांच लगातार जारी है। बता दें कि गर्मी में रेल पटरी के टेढ़ी होने की संभावना बढ़ जाती है। दो रेल पटरियों में जोड़ पर गैप कम हो सकता है। सर्दी में रेल पटरी सिकुडऩे लगती है और गर्मी में बढ़ जाती है। ऐसे में ट्रैक को बेहतर बनाए रखने व दुर्घटना से बचाव के लिए रेल प्रशासन द्वारा सुरक्षा के इंतजाम किए जाते हैं। पेट्रोलिंग तेज कर दी जाती है। त़ापमान बढऩे पर समय-समय पर रेल पटरी का सर्वे कराया जाता है। हालांकि शुक्रवार को तापमान अधिक नहीं था इसलिए पटरी को लेकर किसी भी तरह की खामी की बात नहीं की जा रही है। फिलहाल टीम हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

स्टेशनों पर कैंटिन सुविधा की भी दरकार
सिवनी से नैनपुर के बीच छोटे-बड़े कुल 11 रेलवे स्टेशन हैं। जिस वक्त हादसा हुआ उस समय नागपुर-शहडोल एक्सप्रेस(11201) सिवनी से रवाना की गई थी। हादसे की वजह से ट्रेन को पलारी स्टेशन पर दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक रोका रखा गया। पलारी स्टेशन पर कैंटिन की भी सुविधा नहीं है। ऐसे में यात्रियों को घंटों परेशान होना पड़ा। हादसे के बाद अब स्टेशनों पर कैंटिन सुविधा बढ़ाने की भी मांग उठने लगी है। वहीं हादसे की वजह से शहडोल-नागपुर एक्सप्रेस का परिचालन भी ढाई घंटे प्रभावित हुआ। यह ट्रेन सिवनी स्टेशन पर दोपहर 12.43 बजे की जगह शाम 4.30 बजे पहुंची थी। इसके अलावा पेंचवैली एक्सप्रेस, नैनपुर-छिंदवाड़ा पैसेंजर, छिंदवाड़ा-नैनपुर पैसेंजर ट्रेन का परिचालन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ था।

Updated on:
16 Mar 2026 02:00 pm
Published on:
16 Mar 2026 01:59 pm
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