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पालकी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा, 19 मार्च से शुरु होगा चैत्र नवरात्र

पहले ही दिन चैत्र कृष्ण पक्ष अमावस्या, प्रतिपदा और गौतम जयंती का विशेष त्रिवेणी संयोग बन रहा है, जो इस पर्व की महत्ता को और बढ़ा रहा है।

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वर्षों बाद बन रहा दुर्लभ संयोग, होगी आराधना

सिवनी. मां दुर्गा की आराधना का पर्व चैत्र नवरात्र इस वर्ष 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च को रामनवमी के साथ समापन होगा। पंडितों के अनुसार इस बार की नवरात्र ग्रह-नक्षत्रों के एक ऐसे अद्भुत संयोग के साथ आ रही है, जो पिछले कई वर्षों में नहीं देखा गया। पहले ही दिन चैत्र कृष्ण पक्ष अमावस्या, प्रतिपदा और गौतम जयंती का विशेष त्रिवेणी संयोग बन रहा है, जो इस पर्व की महत्ता को और बढ़ा रहा है। इस बार कई साल बाद एक खास संयोग बन रहा है, जब नवरात्र पुराने साल में शुरू होकर नए साल में खत्म होंगे।
सनातन परंपरा के अनुसारए हिंदू नववर्ष की शुरुआत चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है और इसी दिन से विक्रम संवत भी शुरू माना जाता है, लेकिन इस बार प्रतिपदा तिथि के क्षय होने की वजह से नया संवत सीधे द्वितीया तिथि से आरंभ होगा। इस वर्ष लगभग 90 वर्षों बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है जब माता दुर्गा पालकी पर सवार होकर पृथ्वी लोक पर पधारेंगी। माता का पालकी पर आगमन जनमानस के लिए मिश्रित फलदायी माना जाता है और यह विश्व में कुछ अशांति व उथल-पुथल के संकेत देता है। हालांकि राहत की बात यह है कि माता की विदाई हाथी पर होगी। हाथी पर विदाई को अत्यंत शुभ माना गया है जो देश में सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तम वर्षा का सूचक है।

26 मार्च को एक साथ मनेगी दुर्गाष्टमी और रामनवमी
इस वर्ष तिथियों के घट-बढ़ के चलते नवमी तिथि को लेकर भी विशेष स्थिति बन रही है। इस बार महाअष्टमी (दुर्गाष्टमी) और भगवान राम का जन्मोत्सव रामनवमी एक ही दिन 26 मार्च को उल्लासपूर्वक मनाए जाएंगे। वहीं 27 मार्च को नवरात्र पर्व की पूर्णता(पारण) होगी।