16 मार्च 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खरमास हुआ शुरु, एक माह के लिए मांगलिक कार्यों पर विराम

इस दौरान विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, यज्ञ, नए व्यापार की शुरुआत या वाहन और घर की खरीदारी जैसे शुभ कार्य करने से परहेज किया जाता है।

2 min read
Google source verification
Kharmas Me Kya Daan Karna Chahiye

Kharmas Me Kya Daan Karna Chahiye: खरमास में क्या दान करना चाहिए

14 अप्रैल की सुबह सूर्य मेष राशि में करेंगे प्रवेश, शुरु होगा शुभ कार्य

सिवनी. खरमास की शुरुआत 15 मार्च से हो गई, जो 13 अप्रेल 2026 तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि को मांगलिक कार्यों के लिए शुभ नहीं माना जाता। इसलिए इस दौरान विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, यज्ञ, नए व्यापार की शुरुआत या वाहन और घर की खरीदारी जैसे शुभ कार्य करने से परहेज किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य देव एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस प्रक्रिया को संक्रांति कहा जाता है। जब सूर्य देव गुरु ग्रह की राशियों (धनु या मीन) में प्रवेश करते हैं, तब खरमास लगता है। इसे मलमास के नाम से भी जाना जाता है। यह समय आध्यात्मिक साधना, पूजा-पाठ और दान-पुण्य के लिए अधिक उपयुक्त माना जाता है। खरमास प्रारंभ होने के साथ ही विवाहों की गूंज और मांगलिक आयोजनों की रौनक कुछ समय के लिए थम गई है। होलाष्टक के बाद शुरू हुआ शादियों का सिलसिला एक माह तक रूका रहेगा। सूर्य के मीन राशि में प्रवेश के साथ खरमास प्रारंभ हुआ, जो 14 अप्रैल तक चलेगा। इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण, मुंडन और यज्ञोपवीत जैसे सभी मांगलिक कार्यों पर विराम रहेगा। ज्योतिषाचार्य पं. राजेश पाण्डेय के अनुसार 14 अप्रैल को सुबह 9 बजकर 33 मिनट पर सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करते ही खरमास समाप्त हो जाएगा और विवाह सहित अन्य शुभकार्यों के लिए फिर से मुहूर्त शुरू हो जाएंगे।

14 अप्रेल से शुरु होंगे शुभ कार्य, यह है मुहूर्त
खरमास समाप्त होने के बाद इस वर्ष अप्रेल से जून और फिर नवंबर, दिसंबर में विवाह के लिए कई शुभ मुहूर्त हैं। जिसमें शहनाई की गूंज हर तरफ सुनाई देगी। 19, 20, 21, 26, 27, 29, 30 अप्रेल को विवाह मुहर्त है। वहीं मई माह में 5, 6, 7, 8, 9, 10, 12, 13, 14 को, जुलाई माह में 1, 3, 4, 6, 7, 8, 9, 11 एवं 12 को, जून में 19, 20, 22, 23, 24, 26, 27, 28, 29 को, नवंबर में 10, 11, 12, 13, 20, 21, 22, 25, 26 को, दिसंबर में1, 2, 3, 4, 5, 10, 11, 12 एवं 13 को विवाह मुहूर्त है।