
सिवनी. पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती, इसका उदाहरण जिले में देखने को मिला। उम्र के आखिरी पड़ाव पर साक्षर बनने की ललक लिए काफी संख्या में बुजुर्ग महिला-पुरुष स्कूलों में पहुंचे और नवसाक्षर परीक्षा दी। भारत सरकार के निर्देशानुसार संचालित उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत कलेक्टर सह जिला मिशन संचालक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सह जिला परियोजना संचालक के निर्देशन में नवसाक्षरों की मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा जिले के आठ विकासखण्डों में प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में निर्धारित केन्द्रों पर सफलता पूर्वक संपन्न हुई। परीक्षा हेतु जिले में 1347 परीक्षा केन्द्र बनाए गये थे। विकासखण्डों से प्राप्त जानकारी अनुसार परीक्षा में 15344 नवसाक्षर महिला एवं पुरुष सम्मिलित हुए। परीक्षा के सुचारू रूप से संपन्न कराने हेतु जिला, विकासखण्ड, संकुल एवं जनशिक्षा केन्द्र स्तर पर मॉनिटरिंग दलों द्वारा परीक्षा केन्द्रों की सघन मॉनीटरिंग की गई। परीक्षा में महिलाओं द्वारा बढ़-चढकऱ हिस्सा लिया गया। परीक्षा हेतु नवसाक्षरों को गॉव.गॉव में संपर्क करते हुए परीक्षा देने हेतु आमंत्रित किया गया। नवभारत साक्षरता परीक्षा के सफल संचालन हेतु समस्त वोलंटियर (अक्षरसाथी) संकुल सह समन्वयक, विकासखंड सह समन्वयक, शिक्षक, प्राचार्य, जनशिक्षा केन्द्र प्रभारी, जनशिक्षक, बीएसी एवं बीआरसीसी का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ।
Published on:
16 Mar 2026 01:53 pm
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