सिमरिया मण्डी में मंगलवार को मक्का की जबरदस्त आवक रही। यहां लगभग 12 हजार बोरा मक्का की आवक होने और खुले आसमान में किसानों के रखे आनाज से उस समय स्थिति बिगड़ गई जब मौसम में अचानक बदलाव आया और शाम 5.15 बजे से बारिश होने लगी। खुले में रखा मक्का गीला तो हुआ ही साथ ही मक्के की नीलामी, तुलाई और लोडिंग की समस्या से किसान, व्यापारी और मण्डी के कर्मचारियों को खासी परेशानी उठानी पड़ी।
मण्डी में मंगलवार को भोमा, कान्हीवाड़ा, पिण्डरई, सालीवाड़ा, मनौरी, आमागांव, सारसडोल, गोपालगंज समेत लगभग 25 गांवों से मक्का बेचने के लिए किसान बड़ी संख्या में पहुंचे। किसानों द्वारा लाए गए लगभग 12 हजार मक्के के बोरों की तुलाई व अन्य कार्यों के लिए यहां एक सैकड़ा हमाल कम पड़ गए। मंडी कर्मचारियों ने बताया कि अधिक संख्या में मक्का की आवक होने से यहां लगभग तीन सौ हमालों का काम था।
मण्डी परिसर पर भारी मात्रा में किसानों का खुले में पड़ा मक्का की नीलामी, तुलाई और तुलने के बाद माल को लोड किए जाने संबंधी कार्य शाम को बारिश होने से यहां की व्यवस्थाएं लडख़ड़ा गई। मण्डी कर्मचारियों ने बताया कि रात लगभग 12 बजे तक मंडी का काम चलेगा। किसानों द्वारा लाया गया मक्का 1100 रुपए से लेकर 1251 रुपए तक बिका। दूर-दराज से आए किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।