वन विभाग को मिली कामयाबी, छह गिरफ्तार
सिवनी. वन विभाग ने करंट लगाकर बाघ का शिकार करने वाले एवं बाघ के अंगों की अवैध बिक्री करते हुए गिरोह का पर्दाफाश किया है। सिवनी वन वृत्त के वन सरंक्षण मधु वी राज एवं दक्षिण सिवनी वनमंडल के डीएफओ गौरव कुमार मिश्र के मार्गदर्शन में डीआरआई नागपुर एवं वन परिक्षेत्र बरघाट के वन अमले ने संयुक्त कार्यवाही कर तीन संदिग्ध व्यक्तियों को वन्यप्राणी बाघ अंगों (नाखून, हड्डी आदि) की अवैध खरीदी बिक्री करते हुए पकड़ा। पूछताछ के दौरान आरोपियों से अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता भी सामने आई। आरोपी विनोद अड़माचे पिता वीरसिंह अड़माचे निवासी खापाटोला ने लगभग 15 दिवस पूर्व पेंच नेशनल पार्क(बफर क्षेत्र) के राजस्व क्षेत्र में बाघ का करेंट से शिकार किया था। वन अमले ने आरोपी द्वारा बताए गए जगह पर शव को उत्खनन कर एवं प्रयुक्त औजारों को जब्त करने की कार्रवाई की। वहीं आरोपी सोहनलाल कुशराम पिता इमरतलाल कुशराम निवासी पाण्डेर, प्रहलाद जुगनाके पिता नन्हे लाल निवासी करकोटी, भीमराज खोब्रागड़े पिता शीतल खोब्रागड़े निवासी सरेखा खुर्द, लकेश पटले पिता पूनमचंद्र पटले निवासी बनेरा तहसील कंटगी एवं खिनाराम पटले पिता जयराम पटले निवासी गोपालपुर तहसील कंटगी द्वारा बाघ के अंगों की अवैध खरीदी बिक्री करने का अपराध स्वीकार किया गया। आरोपियों को गिरफ्तार कर मेडिकल परीक्षण उपरांत न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने सभी को जेल भेज दिया है। विभाग ने आरोपियों के पास से बाघ के 9 नाखून, 61 हड्डी, शिकार में प्रयुक्ततार, डंडा, कुल्हाड़ी, फावड़ा, हाथठेला जब्त किया गया है। वहीं आरोपी के निशानदेही पर सड़ीगली हालत में लगभग 15 दिन पुराना शव बरामद किया है। इस कार्रवाई में यूगेश कुमार पटेल संयुक्त वनमण्डलाधिकारी सिवनी के नेतृत्व में पीयुष गौतम, वन परिक्षेत्र अधिकारी बरघाट एवं उनके सहयोगी स्टाफ नरेश कुमार श्रीवास्तव, परिक्षेत्र सहायक सरेखा, कृष्णकुमार चौरसिया सहित अन्य शामिल रहे।