लोकायुक्त की कार्रवाई में रिश्वत लेते पकड़े जाने के आरोप से घिरीं विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय (बीईओ ऑफिस) की निलंबित मुख्य लिपिक ने शनिवार को पुत्र के साथ कार्यालय पहुंचकर कार्यालयीन कार्य को प्रभावित किया, तो वहीं उनके बेटे ने कर्मियों के साथ अभद्रता करते हुए झूमाझपटी करते हुए जान से मारने की धमकी तक दे डाली। अब निलंबित मुख्य लिपिक और उनके बेटे की हरकत पर गुस्साए बीईओ ऑफिस के कर्मियों ने एसपी ऑफिस और कोतवाली पहुंच लिखित शिकायत की है।
विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारियों ने एसपी कार्यालय एवं कोतवाली पुलिस को सौंपे शिकायती पत्र में प्राथमिकी रिपोर्ट दर्ज करने की मांग करते कहा है कि उर्मिला अग्रवाल पूर्व में बीईओ कार्यालय में मुख्य लिपिक के पद पर पदस्थ थीं, जो कि दिनांक 15 दिसंबर 2016 को लोकायुक्त (विशेष स्थापना पुलिस) जबलपुर द्वारा रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया जाकर मुचलके में छोड़ दिया गया था, जिसकी सूचना वरिष्ठ कार्यालय को दी जा चुकी है।
कोतवाली में की थी ये शिकायत -
कोतवाली पुलिस को सौंपे पत्र में बताया कि संयुक्त संचालक लोक शिक्षण जबलपुर संभाग जबलपुर द्वारा उन्हें निलंबित किया गया है। इसके बावजूद 19 दिसंबर 2016 को अग्रवाल कार्यालय में उपस्थित हुईं, तब उनसे कर्मियों ने कार्यालय की चाबी एवं पूर्व में उनके द्वारा स्वयं की सेवा पुस्तिका ली गई थी, जिसे देने को कहा गया। तब उन्होंन अपनी जिद दिखाते हुए कार्यालय की चाबी, प्रभार एवं मूल सेवापुस्तिका नहीं दी तथा रिकार्ड रुम का भी प्रभार एवं चाबियां नहीं दी गई है तथा उनके घर पर संपर्क करने पर ताला बंद है। इस सम्बंध में पुलिस से प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज कर सहयोग प्रदान करने को कहा गया था।
अब बेटे के साथ पहुंची ऑफिस -
शनिवार को बीईओ ऑफिस में हुई घटना के विरोध में कर्मियों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कोतवाली थाना पहुंच सख्त कार्रवाई की मांग की है। जिसमें इस कार्यालय के सहायक ग्रेड-2 में पदस्थ सतीश नेथन द्वारा बताया गया है कि 7 जनवरी शनिवार को कार्यालयीन समय पर 11:30 बजे निलंबित मुख्य लिपिक उर्मिला अग्रवाल कार्यालय में उपस्थित हुईं एवं उन्होंने निलंबन आदेश की मांग की। जिस पर नेथन ने कहा कि पहले आप स्वयं की सेवा पुस्तिका एवं कार्यालयीन प्रभार की चाबियां जमा करें।
लिखित शिकायत में बीईओ ऑफिस में पदस्थ नेथन ने बताया कि चाबियां मांगे जाने पर निलंबित लिपिक का पुत्र भड़क गया और अभद्र व्यवहार करते हुए झूमाझपटी की कोशिश की गई एवं धमकी दी गई कि मैं तुम्हे देख लूंगा, छोडूंगा नहीं। इस धमकी और कार्यालय में हुए अपमान से व्यथित कर्मी ने पुलिस से कहा है कि उनके साथ कोई घटना घटित होती है तो उसका जिम्मेदार अग्रवाल का पुत्र होगा। इस सम्बंध में प्रार्थी ने जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी शिकायत कर दी है।
निलंबित लिपिक और उनके पुत्र द्वारा कार्यालय में किए गए हंगामे की सूचना मिली है, इस सम्बंध में नियम अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
जिला शिक्षा अधिकारी सिवनी