
ईरान ने यूरेनियम भंडार सील कर वहां बारूदी सुरंगें बिछा दी हैं। (सेटेलाइट इमेज: Maxar/DigitalGlobe)
Iran uranium stockpile sealed and landmines laid : अमेरिका और ईरान में जंगी तनाव गहरा गया है। ईरान के पास बम है या नहीं और अगर है तो कहां है, यह ऐसा सवाल है,जिसे लेकर अमेरिका पहले से ही परेशान है और अब ईरान ने अमेरिकी धमकियों की परवाह न करते हुए यूरेनियम भंडार सील कर वहां बारूदी सुरंगें बिछा दी हैं। अमेरिकी खुफिया सूत्रों के अनुसार, हाल के हफ्तों में ईरान ने बम बनाने की क्षमता के करीब यूरेनियम के अपने भंडार सील करने के प्रयासों को तेज कर दिया है,उसने जानबूझकर बारूदी सुरंगों को ध्वस्त किया है। ध्यान रहे कि ट्रंप ने बार-बार कहा है कि युद्ध समाप्त करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए चल रही बातचीत के चलते यह सामग्री सुरक्षित करना अमेरिका की प्राथमिकता है, जिसे अब ईरान ने प्रभावी रूप से बंद कर दिया है।
सीएनएन ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि ईरान की इस किलेबंदी के कारण लगभग आधा टन यूरेनियम तक पहुंचना अब एक महीने पहले की तुलना में कहीं अधिक मुश्किल और खतरनाक हो गया है। उसे आशंका है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सार्वजनिक अमेरिकी सेना को इसे जब्त करने का आदेश दे सकते हैं। गौरतलब कि 11 नवंबर, 2025 को ईरान के इस्फहान में एक विकसित सुविधा क्षेत्र के पास चट्टानी भूभाग में खोदी गई सुरंगों के एक परिसर का विहंगम दृश्य उपग्रह छवियों में दिखाया गया है। ईरानियों की ओर से की गई नई किलेबंदी से ट्रंप प्रशासन की ओर से तेहरान के साथ उसके यूरेनियम को हटाने और नष्ट करने के प्रस्तावित समझौते में पेचीदगी आ गई है, और इस कदम से यह सवाल उठता है कि आखिर इसे खोद कर निकालने का खतरनाक काम कौन करेगा। इस मामले में संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजनयिक प्रतिनिधिमंडल से पूछने पर उन्होंने और व्हाइट हाउस ने सवालों का तुरंत जवाब नहीं दिया।
इस संबंध में एक नई जानकारी सामने आई है। पत्रकारों को जानकारी देने वाले एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के अनुसार, अमेरिका और ईरान दोनों पक्ष एक ऐसे समझौते के करीब पहुंच रहे हैं जिसके तहत ईरान को अपना संवर्धित यूरेनियम अमेरिका को सौंपना होगा। उस अधिकारी के मुताबिक, इसे वहीं नष्ट कर दिया जाएगा और फिर देश से बाहर ले जाया जाएगा। इसके बावजूद अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों ने इस अस्थायी समझौते के बारे में विरोधाभासी बयान दिए हैं, और इसकी शर्तें अभी भी साफ नहीं हैं। समझौते के मसौदे का कथित पाठ शुक्रवार को एक अर्ध-सरकारी ईरानी समाचार एजेंसी को लीक हो गया, जिससे ट्रंप ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। सूत्रों के अनुसार, ईरानियों के लिए भी अब समृद्ध सामग्री को हटाना मुश्किल और खतरनाक होगा। इसके लिए भारी खुदाई उपकरणों और बारूदी सुरंगों को हटाने के प्रयासों की आवश्यकता होगी, जो कठिन और जोखिम भरे हैं।
सन 2017 से 2021 तक राष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा प्रशासन के परमाणु सामग्री निष्कासन कार्यालय का नेतृत्व करने वाले स्कॉट रोकर ने कहा, अगर यह सच है, तो इससे एचईयू को वापस प्राप्त करना बहुत मुश्किल हो जाएगा, इससे ईरान को अपने यूरेनियम भंडार छिपाने का अवसर भी मिल सकता है। उन्होंने कहा कि यदि वार्ताकार 'ईरान से सत्यापन के लिए पूरे भंडार को एक केंद्रीय स्थान पर लाने और आखिरकार सामग्री हटाने या कम मात्रा में मिलाने की मांग करते हैं,' तो समृद्ध यूरेनियम की 'पूरी सूची तक पहुंच बनाने और उसे उपलब्ध कराने" की तेहरान पर जिम्मेदारी आ जाएगी। इस स्थिति में, मुझे चिंता होगी कि ईरान यह दावा करेगा कि एचईयू का कुछ हिस्सा अप्राप्य है। हमें पूरा भरोसा नहीं होगा कि ईरान भविष्य में किसी समय इस तक पहुंच बनाए रखने में सक्षम नहीं होगा।' अंतरराष्ट्रीय समुदाय का मानना है कि भंडार का अधिकांश हिस्सा मध्य ईरान के इस्फहान परमाणु परिसर में ढह चुकी सुरंगों में है, जबकि कुछ अतिरिक्त सामग्री अन्य स्थलों पर रखी हुई है।
गौरतलब है कि 16 सितंबर, 2025 को ली गई सेटेलाइट फोटो में नतान्ज परमाणु संयंत्र के पास स्थित कंक्रीट बैच प्लांट और भूमिगत सुरंग परिसर के केंद्रीय प्रवेश द्वार दिखाई दे रहे हैं। इस सेटेलाइट फोटो में नतान्ज परमाणु संयंत्र के पास स्थित कंक्रीट बैच प्लांट और भूमिगत सुरंग परिसर के केंद्रीय प्रवेश द्वार दिखाई दे रहे हैं। अमेरिकी मीडिया CNN ने बताया था कि मई के मध्य में, सेना परमाणु सामग्री जब्त करने के लिए एक अभियान चलाने की तैयारी में थी, जिसे आखिरकार बहुत जोखिम भरा माना गया था। लेकिन तब से लेकर अब तक, ईरान ने उन स्थलों को और अधिक मजबूत कर दिया है जहां ऐसा माना जाता है कि उसका अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम जमीन के नीचे दबा हुआ है।
ट्रंप ने पहले भी यूरेनियम निकालने को स्वीकार किया है, और उन्होंने मई में इस बात पर संदेह व्यक्त किया था कि ईरानी कभी भी अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की नजर से बचे बिना दफन परमाणु सामग्री तक पहुंचने और उसे निकालने में सक्षम होंगे। 'हमें ठीक-ठीक पता है कि क्या हो रहा है,' ट्रंप ने एक टीवी शो में होस्ट शॉन हैनिटी से उस साइट के बारे में कहा। 'कोई भी उसके करीब तक नहीं पहुंचा है।'
देश से यूरेनियम को हटाने के लिए संभवतः टेनेसी के ओकरिज नेशनल लेबोरेटरी में राष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा प्रशासन के तहत स्थापित एक विशेष मोबाइल यूरेनियम सुविधा की तैनाती की आवश्यकता होगी। अमेरिकी मीडिया ने पहले बताया था कि शीर्ष अमेरिकी वार्ताकार जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ ने इस महीने की शुरुआत में संबंधित प्रयोगशाला का दौरा किया था, लेकिन परमाणु बम हटाने के मामले में दुनिया के शीर्ष विशेषज्ञों को भी अपना काम पूरा करने के लिए बहुत समय चाहिए होगा। ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में पत्रकारों से कहा था कि परमाणु बम हटाने में कम से कम दो सप्ताह का समय लगेगा। बहरहाल, भले ही आगामी सप्ताह में तेहरान और वाशिंगटन के बीच समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएं, फिर भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम के भविष्य के प्रारूप को अंतिम रूप देने के लिए अतिरिक्त तकनीकी वार्ता होने की उम्मीद है।
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Updated on:
13 Jun 2026 04:29 pm
Published on:
13 Jun 2026 04:28 pm
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