-पानी पीने आए बाघ और शावक पर ग्रामीणों ने बरसाए पत्थर-ग्रामीणों के हमले से शावक गंभीर रूप से घायल-जिले के बेलगांव से सटे जंगल की घटना-सोशल मीडिया पर ग्रामीणों के कृत्य की हो रही आलोचना
सिवनी. मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के केवलारी विकास खंड के उगली थाना इलाके के अंतर्गत आने बेलगांव से संटे जंगल के पास एक बाघिन और शावक पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से बाघिन और शावक गंभीर रूप से घायल हो गए। जब लोग चारों तरफ से बाघिन और शावक पर पत्थरों की बरसात कर रहे थे, तब शायद ये बेजुबान जानवर शायद यही बोल रहे होंगे कि, 'पानी ही पीने तो आए थे, हमारा ऐसा भी क्या कसूर था।
दरअसल, मंगलवार को इलाके में एक बाघिन और उसका शावक पानी की तलाश में भटकते हुए गांव के नजदीक आ गए थे। ग्रामीणों ने जब उन्हें गांव के इतने नजदीक देखा तो वो घबरा गए। आनन फानन में लोगों ने बाघिन और शावक पर पत्थरों की बरसात कर दी, जिससे शावक को कई चोटें आई हैं। घटना का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें घयल शावक लंगड़ाते हुए मौके से भागने का प्यास करते दिखाई दे रहा है। वीडियो देखकर सोशल मीडिया पर यूजर्स ग्रामीणों के इस कृत्य की आलोचना कर रहे हैं तो वहीं सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने बाघ और शावक का रेस्क्यू कर लिया है।
घटना की जानकारी लगते ही उगली से पुलिस बल भी बेलगांव पहुंच गया है। हालही में जानकारी ये भी सामने आई है कि, वन विभाग की टीम ने पुलिस पार्टी के साथ मिलकर बाघ और शावक का रेस्क्यू कर लिया है। बताया जा रहा है कि, दोनों को मेडिकल ट्रीटमेंट देने के बाद कान्हा नेशनल पार्क में छोड़ा जाएगा।
ग्रामीणों ने चारों तरफ से घेरकर किया हमला
मामले को लेकर उगली थाना प्रभारी एसएस भारद्वाज का कहना है कि, बेलगांव के पास स्थित तालाब में मंगलवार को बाघ और शावक पानी पीनेआए थे। तालाब के पास ही तेंदूपत्ता के फड़ में मौजूद ग्रामीणों ने दोनों शावक को देख कर अन्य ग्रामीणों को बुला लिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण हाथों में डंडा लेकर मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद ग्रामीणों की भीड़ ने बाघ और शावक को घेरकर चारों तरफ से पत्थरों की बरसात कर दी, जिससे एक शावक घायल हुआ है।
बाघ व तेंदुआ के आतंक से परेशान ग्रामीण
आपको बता दें कि, उगली इलाके में रहने वाले ग्रामीण बीते काफी समय से क्षेत्र में बाघ और तेंदुए के आतंक से परेशान हैं। होने वाले नुकसानों के चलते कई ग्रामीणों में आक्रोश है। इससे पहले भी बाघ और तेंदुए के हमले से यहां ग्रामीण जान गवां चुके हैं। करीब एक पखवाड़ा पहले भी उगली क्षेत्र के आस पास बाघ को देखा गया था। ग्रामीणों ने बाघ को पकड़ने की गुहार जिम्मेदार अधिकारियों से भी लगा चुके हैं। बावजूद इसके मंगलवार को जब बाघ और शावक पानी की तलाश में वहां पहुंचे तो आक्रोशित ग्रामीणों ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर हमला कर दिया। हालांकि, सोशल मीडियापर ग्रामीणों के इस रवैय्ये को गलत ठहराया जा रहा है। तो वहीं ग्रामीणों का तर्क है कि, हमने तो अपने बचाव में हमला किया, लेकिन इसके जिम्मेदार वो अधिकारी हैं, जिनसे कई बार शिकायत के बावजूद इस मामले पर लापरहवाही बररते रहे।
इस टीम ने किया रेस्क्यू
वहीं सुदेश महिवाल डीएफओ साऊथ, रजनीश कुमार सिंह डिफ्टी डायरेक्टर, रेंजर दिनेश रामटेके, रेंजर योगेश पटेल, रेंजर संतोष बनवाले ,रेंजर एच एल दाहिया, जुनैद हुसैन डिफ्टीरेंजर, आर्मो वनरक्षक सहित रेस्क्यू टीम ने बड़ी जद्दोजहद के बाद दोनों शावकों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की है। अब बाघ और शावक को कान्हा नेशनल पार्क छोड़ा जाएगा।