पति व बेटे की मौत के बाद मानसिक रूप से परेशान थी महिला
पति व बेटे की मौत के बाद मानसिक रूप से परेशान थी महिला
शहडोल. चिपाड़ नाथ मंदिर में उस समय अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया, जब एक महिला ने मंदिर के अंदर सफाई करते-करते अचानक फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। फांसी लगाने की आहट मिलते ही पुजारी व श्रद्धालुओं ने तत्काल फंदा काटकर उसे बचा लिया। महिला की पहचान सुकरीत गोंड 50 वर्ष निवासी मऊ के रूप में हुई। मऊ के सरपंच द्वारिका प्रसाद राठौर ने बताया कि महिला पिछले एक वर्षों से मानसिक तनाव में चल रही थी। एक साल पहले सर्पदंश से उसके पति बालमीक गोंड़ की मौत हो गई थी, वहीं छह महीने पहले सडक़ हादसे में बेटे की भी मौत हो गई। घर में लगातार हुए हादसे के बाद महिला मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी। अक्सर मंदिर में आकर साफ-सफाई करती थी और अधिकांश समय मंदिर में ही बिताती थी। रविवार की दोपहर भी महिला मंदिर में दर्शन करने के बाद सफाई कर रही थी, पुजारी और कुछ श्रद्धालु बाहर बैठे थे, तभी अचानक मंदिर के अंदर से आहट सुनाई दी, जिसके बाद पुजारी ने जाकर देखा तो घंटी के हुक पर फंदे से लटक रही थी। हल्ला गोहार करने पर श्रद्धालु भी दौड़ गए और तत्काल फंदा काटकर महिला को बचा लिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद ब्योहारी पुलिस भी मौके पर पहुंचकर आगे की विवेचना शुरू कर दी। पुलिस ने बताया कि मानसिक रूप से परेशान महिला मंदिर के अंदर आत्महत्या करने की कोशिश की है, जिसको पुजारी व अन्य लोगों ने बचा लिया। महिला का उपचार जारी है, अब वह खतरे से बाहर है।