वार्ड 38 में दो महीने से शिकायत करने के बाद भी नहीं सुधर रही व्यवस्थाशहडोल. सोहागपुर के बाद अब पुरानी बस्ती में दूषित पानी की सप्लाई का मामला प्रकाश में आया है। नगर के पुरानी बस्ती वार्ड क्रमांक 38 में बीते दो महीने से वार्ड के करीब 150 घरों में नलों के जरिए सीवर मिला […]
वार्ड 38 में दो महीने से शिकायत करने के बाद भी नहीं सुधर रही व्यवस्था
शहडोल. सोहागपुर के बाद अब पुरानी बस्ती में दूषित पानी की सप्लाई का मामला प्रकाश में आया है। नगर के पुरानी बस्ती वार्ड क्रमांक 38 में बीते दो महीने से वार्ड के करीब 150 घरों में नलों के जरिए सीवर मिला दूषित पानी सप्लाई हो रहा है। बदबूदार और गंदे पानी के कारण पूरा वार्ड संक्रमण की दहलीज पर खड़ा है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है। स्थानीय निवासियों को सुबह होते ही पीने के पानी के लिए यहां वहां भटकना पड़ रहा है, जिससे आक्रोश पनप रहा है। पूर्व पार्षद मो. इसहाक ने इस स्थिति पर गहरा रोष जताते हुए इसे नगरपालिका की बड़ी लापरवाही बताया है।
पूर्व पार्षद मो. इसहाक ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए 20 जनवरी को आयोजित जनसुनवाई में लिखित आवेदन दिया गया था। इसके बावजूद, एक महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों ने धरातल पर कोई सुध नहीं ली। वार्डवासियों का कहना है कि गंदे पानी की समस्या केवल असुविधा नहीं, बल्कि सीधे तौर पर नागरिकों के जीवन से जुड़ा मुद्दा बन गया है, जिसे नगर पालिका ध्यान नहीं दे रही है।
वार्ड में सीवर मिले पानी की आपूर्ति से पूरा वार्ड परेशान हैं, पूर्व पार्षद ने बताया कि लगातार शिकायत के बाद भी इस समस्या को नजर अंदाज किया जा रहा है, लगता है नगर पालिका किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है। वर्तमान में 150 से अधिक परिवारों के बच्चे और बुजुर्ग व महिलाएं शुद्ध पेयजल के लिए परेशान हो रहे हैं।