कोतवाली थाने में पदस्थ एएसआई अरविंद दुबे को 9 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है।
शहडोल. सरकार की तमाम सख्तियों के बावजूद मध्य प्रदेश में घूसखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आलम ये है कि, प्रदेश के भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारी रोजाना रिश्वत लेते दबोचे जा रहे हैं।रिश्वतखोरी का ताजा मामला सूबे के शहडोल में सामने आया है, जहां रीवा लोकायुक्त की टीम ने कोतवाली थाने में पदस्थ एएसआई अरविंद दुबे को 9 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, सहायक उप निरीक्षक अरविंद दुबे जब्त वाहन को छोड़ने के बदले में रिश्वत की मांग कर रहा था।
दरअसल, बीते दिनों मारपीट के मामले के एकांश सिंह (मोनी) नामक युवक की क्रेटा गाड़ी को पुलिस ने जब्त कर लिया था। अब जब युवक द्वारा जब्त वाहन को छुड़ाने की बात की गई तो कोतवाली में पदस्थ ASI अरविंद दुबे ने उससे 9 हजार रुपए देने की बात कही। इसपर युवक ने पैसे न होने का हवाला दिया तो पुलिसकर्मी द्वारा कहा गया कि, अगर वो बताई रकम नहीं देगा तो उसका वाहन जीवनभर थाने में सड़वा दिया जाएगा। इसपर एकांश सिंह ने रीवा लोकायुक्त टीम को इसकी जानकारी दी। रीवा लोकायुक्त ने शिकायत का सत्यापन कराया, जो सच साबित हुआ। उसी आधार पर ये कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त ने ASI दुबे को शुक्रवार को कोतवाली के ठीक सामने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
ASI पर गिरी गाज
मामले को लेकर लोकायुक्त इंस्पेक्टर जियाउल हक का कहना है कि, मारपीट के मामले में थाने में जब्त गाड़ी छोड़ने के एवज में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर अरविंद दुबे द्वारा 9 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई थी, जिसकी शिकायत के आधार पर ट्रैपिंग की कार्रवाई करते हुए घूसखोर पुलिसकर्मी को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, मामला सामने आने के बाद एसपी कुमार प्रतीक ने तत्काल प्रभाव से ASI अरविन्द दुबे को सस्पेंड कर दिया है।