बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वर्किंग ग्रुप फॉर द वाइल्डलाइफ कॉरीडोर की हुई पहली बैठकशहडोल. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला स्थित ईको सेंटर में वर्किंग ग्रुप फॉर द वाइल्डलाइफ कॉरिडोर की पहली बैठक हुई। बैठक का उद्देश्य बांधवगढ़, संजय तथा गुरुघासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व के बीच वन्यजीव कॉरीडोर को और मजबूत बनाना था। बैठक में तीनो […]
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वर्किंग ग्रुप फॉर द वाइल्डलाइफ कॉरीडोर की हुई पहली बैठक
शहडोल. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला स्थित ईको सेंटर में वर्किंग ग्रुप फॉर द वाइल्डलाइफ कॉरिडोर की पहली बैठक हुई। बैठक का उद्देश्य बांधवगढ़, संजय तथा गुरुघासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व के बीच वन्यजीव कॉरीडोर को और मजबूत बनाना था। बैठक में तीनो टाइगर रिजर्व के साथ ही सामान्य वनक्षेत्र के अधिकारी व वन्यजीव संरक्षण को लेकर कार्य कर रही विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में कॉरीडोर संरक्षण की आवश्यकताओं व इसके लिए किए जाने वाले कार्यों के साथ कॉरिडोर की वर्तमान स्थिति, सामने आ रही चुनौतियों और संरक्षण की प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई। साथ ही बेहतर प्रबंधन के लिए अपनाई जा रही कार्यप्रणालियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसके बाद उत्तर शहडोल, दक्षिण शहडोल और मनेंद्रगढ़ क्षेत्रों के अधिकारियों ने पिछली बैठक के बाद किए गए कार्यों और महत्वपूर्ण संरक्षण मुद्दों की जानकारी साझा की। सहयोगी संस्थाओ ने भी अपने अनुभव और प्रयासों को प्रस्तुत किया।
बांधवगढ़, संजय व गुरुघासीदास टाइगर रिजर्व के बीच वन्यजीवों के स्वतंत्र विचरण में आ रहे व्यवधानों को लेकर अधिकारियों ने चर्चा की। इस दौरान बताया गया कि कॉरीडोर के बीच सडक़, नहर, बसाहट के साथ विद्युत सप्लाई लाइन वन्जीवों के स्वतंत्र विचरण में व्यवधान उत्पन्न कर रहे हैं। विद्युत सप्लाई लाइन की वजह से सामान्य राजस्व क्षेत्र में वन्यजीवों के शिकार के मामले में आए दिन सामने आ रहे हैं जो कि चिंता का विषय हैै। इसे व्यवस्थित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
वर्किंग ग्रुप फॉर द वाइल्डलाइफ कॉरिडोर की बैठक में जिला स्तर पर कोऑर्डिनेशन टीम बनाए का निर्णय लिया गया। टीम में अधिकारियों के साथ ही सहयोगी संस्थाओं को भी शामिल किया जाएगा। यह टीम कॉरीडोर को सुरक्षित रखना, पॉसेज बनाने, विद्युत लाइन ऊपर रखने, ग्रा्रमीणों को फेंसिंग नीचे रखने सहित अन्य कार्यों को लेकर समन्वय स्थापित करेगी।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मुख्य वन अभिरक्षक की उपस्थिति में जुलाई 2025 में दो दिवसीय बैठक हुई थी। बैठक में वन्यजीवों के कॉरीडोर को सुरक्षित व सशक्त बनाने वर्किंग ग्रुप फॉर द वाइल्डलाइफ कॉरिडोर बनाने को लेकर चर्चा हुई थी। इसके बाद दिसंबर 2025 में इसे लेकर आदेश जारी किए थे। शासन स्तर से जारी आदेश के परिपालन में कमेटी का गठन किया गया है। समन्वय समिति में कार्य समूह अध्यक्ष मुख्य वन संरक्षक शहडोल वृत्त महेन्द्र सिंह, सदस्य सचिव क्षेत्र संचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व डॉ अनुपम सहाय, दीपक पटेल सहायक वन संरक्षक गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व को शामिल किया गया है।