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नोटबंदी से व्यापार पर असर पड़ा था, पर बजट से भी राहत नहीं
शहडोल- नोटबंदी और जीएसटी के नियमों से जूझ रहे व्यापारियों को उम्मीद थी कि बजट में उनके लिए सरकार कुछ रियायतों का एलान करेगी। व्यापारियों के छूट के स्लैब की सीमा बढा़ई जाएगी। रिटर्न में भी सहूलियतें मिलेंगी। लेकिन बजट ने व्यापारियों को निराश किया है। हालांकि कुछ व्यवसाई बजट को किसान व गरीबों का हितैशी व व्यापारिक रुप से बजट मिलाजुला बता रहे हैं। बजट में 250 करोड़ टर्न ओवर वाले व्यापारियों का टैक्स 30 से घटाकर 25 किया गया है, जबकि शहडोल क्षेत्र में अधिकतर व्यापारी छोटे टर्न ओवर की श्रेणी में आते हैं।
जानिए बजट पर क्या बोले व्यापारी ?
एक फरवरी को आम बजट पेश किया गया। जहां कुछ लोग ने इसे मिला जुला बताया तो कुछ लोग ने इसे निराशाजनक बताया, तो कुछ लोगों के लिए सही रहा। इस आम बजट पर हमने शहर के व्यापारियों से भी बात की, कि उनके हिसाब से कैसा रहा बजट, जिस पर अलग-अलग व्यापारी की अलग-अलग राय रही।
- सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल सराफ ने कहा सराफा बाजार में कष्टम ड्यूटी में भी सरकार ने रियायत नहीं दी है। किसानों और गरीबों के लिए कुछ राहत दिख रही है। पर व्यापारियों पर विचार नहीं किया गया है।
- व्यवसायी मनोज गुप्ता ने कहा बुजुर्गों, गरीब व किसानों के हित का बजट रहा है। व्यापारिक रूप से ज्यादा कुछ नहीं है पर ठीक बजट रहा है।
- गल्ला व्यापारी अनिल रोहरा ने भी बजट पर अपनी राय रखी, अनिल रोहरा ने कहा बजट में किसानों को लाभ मिलेगा, गरीबों को आवास जैसी सौगातें भी मिलेंगी, व्यापारिक दृष्टि से भी मिला जुला बजट कह सकते हैं। कुल मिलाकर हम इसे अच्छा बजट कहेंगे।
व्यापारिक नजरिए से निराशाजनक
कर सलाहकार और एडवोकेट नारायण पांडेय के मुताबिक छूट के स्लेब की सीमा नहीं बढ़ाई है, छोटे व्यापारियों को राहत नहीं। व्यापारिक दृष्टि से निराशाजनक है।