
शहडोल/छिंदवाड़ा. छठ पूजा को लेकर प्रदेशभर में उत्साह की लहर नजर आई। शाम होते ही महिलाओं ने घाटों के समीप पहुंचकर पूजा अर्चना कर डूबते सूर्य को अर्ध्य दिया। गुरुवार को महिलाएं उगते सूर्य को अर्ध्य देंगी, इसी के साथ छठ पूजा का समापन होगा।
शाम होते ही घाटों और सरोवरों के समीप महिलाओं की भीड़ नजर आने लगी, सौलह श्रंगार में सजी महिलाओं ने घाट पर छठ माई की पूजा अर्चना करने के साथ ही डूबते सूर्य को अर्ध्य दिया, इस अवसर पर छठ माता की कहानी भी सुनाई गई। ऐसे में जल सरोवरों के समीप भी काफी चहल पहल नजर आई। अब गुरुवार को उगते सूर्य को अघ्र्य देने के साथ ही छठ पूजा का समापन होगा और महिलाएं व्रत खोलेंगी।
छठ पूजा महोत्सव की शुरुआत नहाए खाए के साथ हुई थी। इस दौरान सुबह आम की दातुन से दातुन कर पवित्र स्नान किया गया, इसके बाद श्रद्धालुओं ने निर्जला व्रत रखा और शाम को गुड़ और अरवा चावल से बनी खीर, लौकी की सब्जी और रोटी का भोग लगा कर प्रसाद के रूप में ग्रहण कर व्रत खोला। इसके बाद निर्जला व्रत की शुरूआत हो गई। 10 नवम्बर को श्रद्धालु महिलाओं ने घाटों पर जाकर डूबते सूर्य को अर्ध्य दिया। व्रतधारी महिलाओं ने सूर्यास्त के समय पकवान, ऋतु फल, बांस के सूप में सजाकर घुटनों तक पानी में खड़े होकर सूर्य को अर्ध्य अर्पित किया