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30 लाख लगाकर करोड़ों के सपने टूटे, फाइनेंस कंपनी निकली धोखेबाज, 5 पर FIR

Investment Fraud Case- मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में एक कंपनी ने कई लोगोंके सपने को रौंद दिया...। 30 लाख की धोखाधड़ी मामले में हुई FIR.

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शहडोल

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Manish Geete

Jun 15, 2026

Investment Fraud Case

Investment Fraud Case- शहडोल के बुढार थाना क्षेत्र का मामला है। (विजुअल- एआई जनरेटेड)

Financial Scam India- शहडोल जिले के बुढ़ार थाना क्षेत्र में संचालित जीएनएस फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट कंपनी के संचालक को एवं एजेंटों के खिलाफ निवेशकों से धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। थाना बुढार पुलिस ने जांच के डायरेक्टर सहित कंपनी से जुड़े पांच लोगों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया है।

पुलिस के अनुसार गोपालपुर निवासी मृगनयन सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने एवं उनके परिवार ने कंपनी में लगभग 30 लाख रुपए का निवेश किया था। कंपनी के एजेंटों ने घर पहुंचकर निवेश को पूरी तरह सुरक्षित बताते हुए प्रति माह 30 हजार रुपए ब्ˆयाज तथा परिवार के एक सदस्य को 15 हजार रुपए मासिक वेतन पर 65 वर्ष तक नौकरी देने का आश्वासन दिया था।

नहीं किए वादे पूरे

शिकायतकर्ता का आरोप है कि कंपनी द्वारा दिए गए वादे पूरे नहीं किए गए। नौकरी के नाम पर नियु™क्ति पत्र एवं अन्य दस्तावेज दिए गए, लेकिन वेतन और पीएफ संबंधी जानकारी में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कंपनी के संचालक निवेशकों की अनुमति के बिना उनके डीमैट खातों में शेयरों की खरीद-बिक्री कर रहे थे। ग्राहकों को अधिक लाभ का लालच देकर महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाई गईं तथा भ्रामक एवं गुमराह करने वाली सूचनाएं दी गईं।

आरोप है कि ग्राहकों के ई-मेल और पासवर्ड अपने कब्जे में रखकर ट्रेडिंग कन्फर्मेशन भी कंपनी द्वारा स्वयं किए जाते थे। जांच के बाद पुलिस ने दर्ज कि या मामला थाना प्रभारी बुढ़ार विनय सिंह गहरवार के माध्यम से की गई प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने पर कंपनी के सुखनंदन यादव, मुकेश यादव, सरोज यादव व एजेंट विजय पाल एवं मोहश्मद अमीम के विरुद्ध धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि आगे की जांच की जा रही है, जो भी दोषी होंगे उनके विरुद्ध विधिवत कार्रवाई की जाएगी।

एक नजर

कंपनी ने वादे पूरे नहीं किए
नौकरी के नाम पर फर्जी नियुक्ति-पत्र दिए
वेतन और पीएफ में गंभीर अनियमितताएं थीं।
डीमैट खातों में शेयरों की खरीद-बिक्री करते रहे
निवेशकों से अनुमति भी नहीं ली गई
ग्राहकों से कई जानकारी छिपाई गईं
भ्रामक और गुमराह करने वाली सूचनाएं दीं
ग्राहकों के ई-मेल और पासवर्ड अपने कब्जे में रख लिए थे
जांच के बाद पुलिस ने दर्ज कर लिया मामला
पांच लोगों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर