
शहडोल- लगातार हो रही वन्य प्राणियों की मौत और शिकार मामले की समीक्षा सीएम शिवराज सिंह २ जनवरी को करेंगे। इस संबंध में सीएसीएफ प्रशांत जाधव ने सभी डीएफओ को पत्र लिखा है। उन्होंने वन्य प्राणी शिकार एवं दुर्घटना से संबंधित प्रकरणों एवं वन विभाग से संबंधी अन्य शिकायतों का सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के निर्देश वनवृत्त के सभी डीएफओ को दिए हैं। सीसीएफ ने पत्र में कहा है कि समाधान ऑनलाइन के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा 300 दिवस से अधिक के लंबित शिकायतों की समीक्षा की जाएगी। सीसीएफ ने बताया है कि उमरिया जिले में 74, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 34 तथा अनूपपुर की 7 कुल इस तरह 115 शिकायतें लंबित हैं। संबंधित अधिकारियों को अद्र्धशासकीय पत्र के माध्यम से उक्त 115 शिकायतों का निराकरण 21 दिसंबर तक करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया है कि 115 शिकायतों के अतिरिक्त पूर्व में आंशिक रूप से बंद शहडोल जिले की 19, उमरिया की 20 तथा अनूपपुर की 8 इस तरह कुल 47 शिकायतों तथा स्पेशल क्लोज शहडोल जिले की 12, उमरिया की 17 तथा अनूपपुर की 1 इस तरह कुल 30 की गई शिकायतों का दुबारा परीक्षण कर निराकरण प्रतिवेदन भेजने के निर्देश भी जारी किए हैं।
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उमरिया डीएफओ पर लगाया मारपीट करने का आरोप
शहडोल- लगातार बाघों की मौत का असर वन विभाग के अधिकारियों पर दिखने लगा है। गुरुवार को उमरिया डीएफओ पर मालाचुआ में पदस्थ परिक्षेत्र सहायक ने मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। इस संबंध में वन विभाग के कर्मचारी ने थाना पाली में डीएफओ और एसडीओ के खिलाफ एफआईआर करने के लिए आवेदन दिया है।
आमगार में कुछ दिन पहले बाघिन का शिकार किया गया था। बाघिन के साथ ही शावक का भी शव मिला था। वनकर्मी मानसिंह ने आरोप लगाया कि इसी से नाराज होकर डीएफओ वासु कन्नौजिया, एसडीओ शिवपूजन त्रिपाठी ने जातिसूचक शब्द कहे और डंडे से उसके साथ मारपीट की। उसने आरोप लगाया कि वन विभाग के अधिकारियों ने बीट गार्ड को भी डंडे से पीटा। इस मामले में पुलिस ने आवेदन ले लिया है। एसपी उमरिया डॉ असित यादव ने कहा कि हम जांच कर रहे हैं।