
Know Who is the Toughen and the Mastmind of the Cubs?
शहडोल. घुनघुटी के आमगार गांव में बाघिन और शावक के शिकार मामले का मास्टर माइंड एक शिक्षक है। शिक्षक ने ही खेत में करंट बिछाने से लेकर शिकार की प्लानिंग की थी। बाघिन और शावकों के शिकार के बाद उनके शवों को ठिकाने लगाने की रणनीति भी शिक्षक ने ही तैयार की थी।
शिकार में शिक्षक के लिप्त होने का खुलासा वन विभाग की गिरफ्त में आए आरोपियों ने किया है। मास्टर माइंड शिक्षक अभी फरार है। वन विभाग की टीम ने अलग-अलग जगहों में दबिश दी लेकिन वह अभी पकड़ में नहीं आया है। शिकार के बाद अन्य साथियों के साथ बाघिन के शव से कई अंग निकाल लिया थे। आमगार पहाड़ी के नीचे बाघिन का शव मिला था। कुछ दूरी पर शावक का भी शव मिला था।
बाघिन और शावक की मौत के बाद अब एक अन्य शावक को ढूंढने में विभाग का पसीना छूट रहा है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (बीटीआर) और टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स की टीम जंगलों में सर्च कर रही है।
उधर बांधवगढ़ से हाथी का दल भी सर्चिंग के लिए पहुंचा। पूरे जंगलों में हाथी दल और टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स की ४५ सदस्यीय टीम सर्चिंग करती रही लेकिन शावक नहीं मिला। गांधीग्राम में पहाड़ी के नीचे शावक का फुटप्रिंट मिला है, जिसके बाद इस क्षेत्र में सर्चिग बढ़ा दी गई है। मृत बाघिन का एक शावक अभी जीवित बताया जा रहा है।
शहर से सटे इलाके में जानवरों का शिकार
शहर से लगभग दस किमी दूर गांव कुदरी में वन्यजीवों का मूवमेंट बताया जा रहा है। बाघ और तेदुंए के मूवमेंट की खबर के बाद अब मवेशियों के शिकार का मामला भी सामने आया है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार एक मवेशी का शिकार बाघ ने और एक अन्य मवेशी का शिकार तेंदुए ने किया है। हाल ही में एक महिला ने भी तेंदुए को घर की बाड़ी में देखा था। कुदरी, चापा और इससे जुड़े गांवों में बाघ तेंदुए का मूवमेंट और शिकार की घटना के बाद दहशत का माहौल है। एक दिन पहले वन विभाग के अधिकारियों ने कुदरी गांव में बाघ का पदचिह्न भी देखा है, जिसके बाद ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया गया है।
इनका कहना है
सीसीएफ प्रशांत जाधव के मुताबिक घुनघुटी में बाघिन और शावक की मौत मामले में मास्टर माइंड शिक्षक फरार है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है, जल्द गिरफ्तारी होगी। कुदरी गांव में बाघ के मूवमेंट पर सर्चिंग बढ़ा दी है और ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया गया है।
कुदरी चांपा में रातभर सर्चिंग, किया अलर्ट
कुदरी चांपा में बाघ व तेंदुए के बच्चे के मूवमेंट के बाद वन विभाग ने चौकसी बढ़ा दी है। सीसीएफ के निर्देशन में बुधवार की रात टीम कुदरी और आसपास के गांवों में सर्चिंग करती रही। चरवाहे और ग्रामीणों को भी जंगल की ओर जाने से मना किया जा रहा है। अधिकारियों में भी दहशत है कि बाघ और तेंदुआ शहर के भीतर तक न पहुंच जाएं।
पत्रिका व्यू:
शहर में घुसे वन्यजीव तो कैसे नियंत्रण
शहर से सटे गांवों में लगातार बाघ और कई वन्यजीवों का मूवमेंट है। हाल ही में कल्याणपुर में बाघ के मूवमेंट के बाद अब कुदरी गांव में बाघ के मूवमेंट ने दहशत बढ़ा दी है लेकिन वन विभाग गंभीर नहीं है। वन विभाग के पास न तो कोई हथियार हैं और न ही किसी तरह के संसाधन हैं। स्थिति यह है कि शहर के भीतर बाघ या अन्य वन्यप्राणी घुस जाते हैं तो कंट्रोल करने के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। इन बात को वन विभाग के अधिकारी खुद स्वीकार रहे हैं।
Published on:
15 Dec 2017 11:34 am

बड़ी खबरें
View Allशहडोल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
